देहरादून, जेएनएन। रुद्रप्रयाग और पौड़ी जिले के विभिन्न अस्पतालों में तैनात 54 डॉक्टरों की सेवाएं जल्दी ही समाप्त की जाएंगी। लंबे समय से गायब इन डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी किया है। नोटिस का दस दिन में जवाब न मिलने पर इनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। 

रुद्रप्रयाग के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके झा ने बताया कि जिला चिकित्सालय समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में 17 चिकित्सक लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। विभागीय कार्यालय से पूर्व में भी इन्हें ड्यूटी पर लौटने के लिए नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन कोई चिकित्साधिकारी उपस्थित नहीं हुआ और न किसी ने नोटिस का जवाब दिया है। इन चिकित्सकों के लंबे समय से अनुपस्थित रहने से जिला अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालन में खासी दिक्कतें आ रही हैं। साथ ही निदेशालय से संबंधित पदों पर नए डॉक्टरों की तैनाती भी नहीं हो पा रही है। अब नोटिस भेजकर सभी चिकित्सकों को दस दिन के भीतर अपने कार्यस्थल पर लौटने को कहा गया है। अन्यथा यह माना जाएगा कि वह विभाग में सेवा करने के इच्छुक नहीं है। 

इसी तरह, पौड़ी जिले में भी विभिन्न अस्पतालों में लंबे समय से 37 डॉक्टर गैरहाजिर चल रहे हैं, जिन्हें दस दिन में जवाब देने को कहा गया है। सबसे अधिक तीन-तीन चिकित्सक जिला महिला चिकित्सालय व संयुक्त चिकित्सालय से लंबे समय से नदारद हैं। शनिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है। सीएमओ डॉ. बीएस जंगपांगी ने कहा कि नोटिस को गंभीरता से न लेने वाले चिकित्सक विभागीय कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। 

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इन चिकित्सकों को भेजा गया नोटिस 

जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में तैनात डॉ. मनु गोपाल, डॉ. ललित कुमार, डॉ. श्रुति भुटानी, डॉ. संदीप कौर, डॉ. ऋचा रतूड़ी, डॉ. गौरव आर्य के अलावा एपीएचसी बैनोली में तैनात डॉ. वंदना कुमारी, खेड़ाखाल में तैनात डॉ. अजयपति त्रिपाठी, एलोपैथिक चिकित्सालय तिलवाड़ा में तैनात डॉ. आशुतोष शुक्ला, एसएडी पठालीधार में तैनात विवेक मिश्रा, एसएडी गौरीकुंड में तैनात डॉ. आरके मिश्रा और डॉ. मनीष भंडारी, एसएडी सतेराखाल में तैनात डॉ. अजय कुमार चौधरी, राजकीय एलोपैथिक ऊखीमठ डॉ. विनीत कुमार, सीएचसी अगस्त्यमुनि में तैनात डॉ. शिल्पा पाल और डॉ. हिमांशु जोशी, और एपीएचसी फाटा में तैनात डॉ. हरीश को अंतिम नोटिस जारी किया गया है।

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