जागरण संवाददाता, देहरादून। IMA Passing Out Parade  आइएमए से पासआउट कई कैडेट परिश्रम के ताप में तापकर कुंदन बने हैं। जीवन की चुनौतियों को उन्होंने अवसर समझा और सफलता की एक नई इबारत लिख दी। इन्हीं में एक हैं नकरौंदा में रहने वाले नवीन भट्ट। नवीन ने सेना में अफसर बनकर दून का ही नहीं, टिहरी का भी नाम रोशन किया है। उनका परिवार मूल रूप से मगरौं, टिहरी गढ़वाल का रहने वाला है, लेकिन करीब आठ साल पहले परिवार दून आकर बस गया। नवीन के पिता स्वर्गीय रतनमणि भट्ट टीएचडीसी में कार्यरत थे। उनके देहांत के बाद परिवार का काफी मुश्किलें सहनी पड़ी। नवीन की 10वीं तक पढ़ाई विन फील्ड एकेडमी और इंटर तक की पढ़ाई संत कबीर एकेडमी, हर्रावाला से हुई। इसके बाद उन्होंने सेना में जाने का फैसला लिया और अब वह अफसर बनकर देश की सेवा करेंगे। 

किसान का बेटा बना सेना का अफसर 

शनिवार को आइएमए में अंतिम पग पार करने के साथ ही हरिद्वार के बुग्गावाला निवासी रचित सैनी सेना में अफसर बन गए। रचित का परिवार मूल रूप से खेती करता है। उनके पिता का नाम प्रवीन कुमार सैनी है। पीओपी के बाद बेटे के अफसर बनने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि खेत में किसान और सीमा पर जवान दोनों ही संघर्ष का जीवन जीते हैं। रचित की 12वीं की पढ़ाई पंचकूला, हरियाणा से हुई। इसके बाद एनडीए के जरिये उनका सेना में चयन हुआ। रचित की बहन साक्षी सैनी डॉक्टर हैं।

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Edited By: Sunil Negi

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