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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ओलावृष्टि से मुरझाए किसानों के चेहरे, फसलों को भारी नुकसान

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Published: Sun, 17 Mar 2019 08:48 PM (IST)Updated: Mon, 18 Mar 2019 04:11 PM (IST)

ग्रामीण इलाकों में हुई ओलावृष्टि से पर्वतीय फलों में आई फ्लावरिंग और कृषि फसलों को काफी नुकसान हुआ है। जिससे किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं।

ओलावृष्टि से मुरझाए किसानों के चेहरे, फसलों को भारी नुकसान
ओलावृष्टि से मुरझाए किसानों के चेहरे, फसलों को भारी नुकसान

त्यूणी, जेएनएन। मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ने से तहसील त्यूणी क्षेत्र के कुछ ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि हुई। जिससे पर्वतीय फलों में आई फ्लावरिंग और कृषि फसलों को काफी नुकसान हुआ है। बीस मिनट की ओलावृष्टि से खेतों में उगी नकदी फसलें तबाह हो गई। जिससे किसानों की मेहनत बेकार चली गई। प्रभावित किसानों ने शासन-प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। 

तहसील त्यूणी अंतर्गत बागी, कोटी-बावर, मैंद्रथ, निनूस-दार्मीगाड़ पंचायत समेत आसपास के कुछ इलाकों में रविवार दोपहर बाद मौसम के अचानक करवट बदलने से हल्की बारिश के साथ करीब बीस मिनट तक ओलावृष्टि हुई। जिससे खेतों में उगी गेंहू, मटर और अन्य नकदी फसलों को नुकसान पहुंचा। ओलावृष्टि के चलते पर्वतीय फलों में चुल्लू, पुलम, खुमानी, नाशापाती व आडू के फलदार वृक्षों में आई फ्लावरिंग नष्ट हो गई। इससे बागवानी व कृषि फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। 
कोटी-बावर के प्रधान दिनेश चौहान, बागवान हरीश कुकरेजा ने कहा कि रविवार को बीस मिनट की ओलावृष्टि ने ग्रामीण किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पर्वतीय फलों में आई फ्लावरिंग झड़ने से और नकदी फसलें तबाह होने से खेती-किसानी पर निर्भर लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई। प्रभावित किसानों ने शासन-प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। 
वहीं, तहसीलदार त्यूणी कृष्णदत्त जोशी ने कहा संबंधित क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षकों से प्रभावित इलाकों का मौका मुआयना कर ओलावृष्टि से नुकसान की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।