देहरादून, राज्य ब्यूरो। उत्तराखंड में भी अब असंगठित क्षेत्र के कामगारों को साठ वर्ष की आयु के बाद गुजारे के लिए तीन हजार रुपये की एक निश्चित रकम मिल सकेगी। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत ऐसा संभव हो सकेगा। यह योजना 18 से 40 वर्ष आयु के उन कामगारों पर प्रभावी होगी जिसकी मासिक आय 15 हजार से कम है। उत्तराखंड में इस योजना का शुभारंभ राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। 

मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन केंद्र में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों की सुध लेते हुए इस योजना की शुरूआत की है। हम सभी में गरीबों की परवाह करने की भावना होनी चाहिए। मजदूर कड़ी मेहनत करते हैं, जब वह 60 वर्ष के हो जाते हैं तो शरीर साथ नहीं देता। कई बार संतान अपने बूढ़े मां-बाप को छोड़ देती है। ऐसे में यह पेंशन उनका बढ़ा सहारा बनेगी। 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विकास की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को उपर लाना ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। श्रमिकों में 90 प्रतिशत असंगठित क्षेत्र से हैं। ऐसे मजदूरों की प्रधानमंत्री ने सुध ली है। केंद्र सरकार ने गरीब व किसानों के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। प्रधानमंत्री ने नए भारत का जो सपना देखा है वह तभी पूरी होगा जब समाज का हर व्यक्ति मजबूत हो। यह योजनाएं गरीब को मजबूत करती हैं।

श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए बड़े काम करने का जो संकल्प लिया था उसे वह पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना में शामिल होने के लिए मजदूरी को पंजीकरण कराना होगा। इसमें घर में सेवक, रेहड़ी, ठेली, चमड़ा उद्योग के साथ ही तकरीबन 160 योजन में काम करने वाले मजदूरों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम में 15 श्रमिकों को कार्ड भी वितरीत किए गए।

देहरादून के दो मजदूर भी हुए सम्मानित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात के गांधीनगर में इस योजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इसमें उत्तराखंड के भी दो मजदूर भी कार्यक्रम में सम्मानित होंगे। इनके नाम अरुण कुमार व मनोज कुमार शामिल है। 

जानिए इस योजना के बारे में 

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और मजदूरों के लिए पेंशन का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 3000 रुपये की मासिक पेंशन दी जाएगी। इस योजना में शामिल होने के लिए श्रमिकों को अपना पंजीकरण कराना होगा। 

वहीं, ऐसे श्रमिक जिनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है और मासिक कमाई 15,000 रुपये से कम है, वो सभी इस योजना से जुड़ सकते हैं। सभी कामगार जो घरों में सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, कबाड़ से आजीविका कमाते हैं, खेत में मजदूरी कर रहे हैं, सड़कों व घरों के निर्माण में लगे हैं, रेहड़ी और ठेले चलाते हैं, बुनकर हैं। वे सभी कामगार योजना में शामिल हो सकते हैं। 

अगर कोई लाभार्थी 18 साल की उम्र में इस योजना से जुड़ता है तो उसे 55 रुपये मासिक प्रीमियम के तौर पर देना होगा। 29 साल की उम्र में 100 रुपये जबकि 40 साल की उम्र में जुड़ने वालों को 200 रुपये का मासिक अंशदान करना होगा। श्रमिक के बराबर राशि का अंशदान केंद्र सरकार भी करेगी।

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Posted By: Raksha Panthari

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