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देहरादून, जेएनएन। जन बंधन निधि कंपनी में एफडी और आरडी में करोड़ों रुपये जमा कराने वाले संचालक फरार हो गए। कंपनी द्वारा जारी 52 चेक बाउंस होने के बाद ग्राहकों को ठगी का पता चला। मामले में ग्राहकों की तहरीर पर डालनवाला पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। दस्तावेजों के आधार पर प्रकरण की जांच की जा रही है।

जन बंधन निधि कंपनी के संचालकों ने राज्य के अलग-अलग शहरों सहित देश भर में 56 ब्रांच खोली थी। इन ब्रांचों में एफडी, आरडी समेत अन्य योजनाएं चलाकर लोगों से पैसा जमा कराया जा रहा था। डालनवाला इंस्पेक्टर राजीव रौथाण ने बताया कि सालावाला निवासी अरविंद डंगवाल ने तहरीर दी कि 2016 जुलाई में जन बंधन निधि कंपनी के डायरेक्टर संजीत यादव व विमल यादव ने कनाट पैलेस में ब्रांच खोली थी। अगस्त 2017 में हाथीबड़कला समेत राज्यभर में दफ्तर खोले गए।

आरोप है कि उन्होंने लोगों को लालच देते हुए आरडी, एफडी, डीडीएस और एमआइएस योजना में निवेश करने को कहा। बड़ी संख्या में लोगों ने रकम निवेश की। अवधि पूरी हुई तो लोगों को जून 2019 में डायरेक्टर संजीत यादव ने चेक जारी किए। लोगों ने चेक बैंक में लगाए तो वह बाउंस हो गए। लोगों ने कंपनी में इसकी शिकायत की तो आरोपित आरबीआइ का सिन नंबर और मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स का सर्टिफिकेट दिखाकर विश्वास में लेते रहे।

पुलिस ने बताया कि एक-एक ब्रांच में करोड़ों रुपये का निवेश हुआ है। आरोपित अब फरार चल रहे हैं। पुलिस ने आरोपित संजीत यादव, विमल यादव समेत कंपनी में एडवाइजर और लीगल एडवाइजरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

यहां भी ठगी गई रकम

पुलिस के अनुसार आरोपितों ने सहस्रधारा, रायपुर, तपोवन, शास्त्री नगर, नेहरू ग्राम, मोब्बेवाला, जीएमएस रोड, प्रेमनगर, सुद्धोवाला, सेलाकुई, उत्तरकाशी और बड़कोट में भी दफ्तर खोलकर रकम ठगी है।

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Posted By: Sunil Negi

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