विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Lockdown लॉकडाउन में पांवटा साहिब में फंसे 27 युवाओं को लाया गया देहरादून

By Sunil NegiEdited By:
Published: Tue, 28 Apr 2020 09:57 AM (IST)

पांवटा साहिब में फंसे 27 युवाओं को जिला प्रशासन सोमवार को दून ले आया। इनमें से तीन युवा दून के जबकि बाकी टिहरी चमोली उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग के हैं।

Uttarakhand Lockdown लॉकडाउन में पांवटा साहिब में फंसे 27 युवाओं को लाया गया देहरादून
Uttarakhand Lockdown लॉकडाउन में पांवटा साहिब में फंसे 27 युवाओं को लाया गया देहरादून

देहरादून, जेएनएन। पांवटा साहिब में फंसे देहरादून समेत गढ़वाल मंडल के 27 युवाओं को जिला प्रशासन सोमवार को दून ले आया। इनमें से तीन युवा दून के, जबकि बाकी टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग के हैं। दून के तीनों युवाओं को घर पहुंचा दिया गया है और बाकी को मंगलवार सुबह रवाना कराया जाएगा।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बीर सिंह बुदियाल ने बताया कि ये युवा चंडीगढ़, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश में काम करते थे। लॉकडाउन के चलते जब काम बंद हो गया तो ये पैदल ही उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए। इन्हें पांवटा साहिब में 30 मार्च से लेकर दो अप्रैल के बीच क्वारंटाइन कर दिया गया था। सभी का स्वास्थ्य दुरुस्त पाए जाने पर जिला प्रशासन ने इन्हें लेने के लिए रोडवेज की बस सोमवार सुबह रवाना की थी। दून में इन्हें पहले महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज लाया गया और चिकित्सकों ने सभी की थर्मल स्कैनिंग की। दून के तीन युवाओं के अलावा बाकी जिलों के युवाओं को जैन धर्मशाला में ठहराया गया है।

प्रयागराज में फंसे 75 बच्चे आएंगे 

उप्र के प्रयागराज में 75 छात्र-छात्राओं को लाने के लिए गई एसडीआरएफ की टीम मंगलवार को देहरादून पहुंचेगी। एसडीआरएफ की कमांडेंट तृप्ति भट्ट ने बताया कि प्रयागराज में फंसे छात्र-छात्राओं को लाने के लिए रविवार को चार बसें भेजी गई। इन बसों के साथ एसडीआरएफ के छह जवान भी भेजे गए हैं। बच्चों के मंगलवार सुबह देहरादून पहुंचने की उम्मीद है। यहां आने के बाद बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उन्हें घर भेजा जाएगा।

जमाती का कार चालक क्वारंटाइन सेंटर की खिड़की से कूदकर फरार

पनियाला गांव के कोरोना संक्रमित जमाती का कार चालक कलियर के क्वारंटाइन सेंटर की खिड़की का शीशा तोड़कर फरार हो गया। कई थानों की पुलिस उसकी तलाश में लगी है।

पुलिस के मुताबिक, अलवर से लौटा गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के पनियाला गांव निवासी एक जमाती चार अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। उसके संपर्क में आने के कारण जमाती के कार चालक जाकिर को पांच अप्रैल को कलियर के एक होटल में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में भेज दिया गया। जाकिर की तीन बार रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सोमवार की रात को उसे घर भेजने की तैयारी चल रही थी। रात को करीब साढ़े आठ बजे वह दूसरी मंजिल पर बने कमरे की खिड़की का शीशा तोड़कर फरार हो गया। 

यह भी पढ़ें: Uttarakhand lockdown में गुजरात से 111 लोग पहुंचे ऋषिकेश, बसों से भेजा गया घर

प्रदेश में पौने 10 लाख लोग कर रहे आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल

 कोरोना की लड़ाई में आरोग्य सेतु एप को लोग कवच की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। उत्तराखंड में फिलहाल नौ लाख 88 हजार 826 लोग इस एप का इस्तेमाल कर रहे हैं। चीफ ऑफिसर ऑपरेशंस डॉ. अभिषेक त्रिपाठी के अनुसार आरोग्य सेतु एप कोरोना से जोखिम का स्तर बताता है। एप पर प्रदेश और सेंट्रल हेल्पलाइन नंबर भी हैं। यह कोरोना से जुड़ी लाइव जानकारियां भी देता है। साथ ही यह जांचता रहता है कि आपके आसपास कोई संक्रमित व्यक्ति या संभावित संक्रमित तो नहीं है।

यह भी पढ़ें: Uttarakhand lockdown: एसपी ने बॉर्डर वाले इलाकों का किया निरीक्षण, शिविर में रह रहे लोगों का जाना हाल

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।