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    THDC Tunnel Accident: हर कदम पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी, बिन ड्राइवर दौड़ी सामान से भरी ट्रेन तो हुआ हादसा

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 03:07 PM (IST)

    टीएचडीसी की विष्णुगाड़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में दो लोको ट्रेनों की भिड़ंत हो गई। कर्मचारियों को ले जा रही ट्रेन एक ड्राइवर रहित मालगाड़ ...और पढ़ें

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    संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल के अंदर कर्मचारियों व सामान को ले जाने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली लोको ट्रेन में भिंडत के मामले में हर स्तर पर लापरवाही सामने आई है। गनीमत यह रही कि बड़ी दुघर्टना टल गई। बताया गया कि जो लोको ट्रेन कर्मचारियों को ले जाकर जा रही थी, उस लोको मालगाड़ी से भिड़ी जिसमें ड्राइवर मौजूद ही नहीं था। ऐसे में परियोजना निर्माण के दौरान सेफ्टी मानकों को लेकर भी सवाल खड़े उठना भी स्वभाविक है।

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    गौरतलब है कि मंगलवार की रात्रि को पीपलकोटी के हाट गांव से हेलंग तक टीएचडीसी की विष्णुगाड़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल निर्माण कार्य के दौरान कर्मचारियों को लेकर जा रही लोको ट्रेन से मालगाड़ी टकरा गई । घायलों ने बताया कि एक ही ट्रेक पर दो लोको ट्रेन चल रही थी। बताया गया कि जो लोको ट्रेन सामान लेकर चार बजे लगभग टनल में जाकर खड़ी थी वह अचानक पीछे को आ गई तथा तेज रफ्तार से पटरी पर दौड़ने लगी।

    कर्मचारियों को लेकर जा रही लोको ट्रेन का ड्राइवर लगातार सिंगनल के साथ होर्न देता रहा, लेकिन यह रुकी नहीं और एक ही ट्रेक पर दोनों के भिंडत के बाद कर्मचारियों को लेकर जा रही लोको ट्रेन पलट गई। आठ किमी इस टनल में सिंगल ट्रेक बिछाया गया है। हालांकि इसमें तीन जगहों पर क्रांसिंग दिया गया है। बताया गया कि एक लोको ट्रेन कर्मचारियों, अधिकारियों को ले जाने के लिए प्रयोग में होती है जिसमें चार डिब्बे हैं जबकि दो लाेको ट्रेन जिनमें छह-छह डिब्बे हैं। सामान को ढोने के काम आती है।

    बीती रात्रि को दुर्घटना के दौरान बताया गया कि चार बजे लगभग सामान लेकर गई लोको ट्रेन को टनल बोरिंग कार्य के पास खड़ा किया गया था। आठ बजे लगभग इस ट्रेन का चालक शिफ्ट चेंज होने के कारण वापस लौट आया था। लोको ट्रेन टनल के अंतिम छोर में खड़ी थी। शिफ्ट चेंज के दौरान हाट से 109 कर्मचारियों, अधिकारियों , मजदूराें को लेकर लोको ट्रेन टनल के अंदर जा रही थी जो लगभग ढाई किमी आगे ही पहुंची थी कि अचानक उसी पटरी पर आ रही माल से भरी लोको ट्रेन टकरा गई । भिंडत इतनी जबरदस्त थी कि तेजी से आवाज आई और डिब्बे पलट कर लोग छिटक गए।

    बताया गया कि टनल के अंदर पटरियों के नीचे निरंतर पानी बहता है। लाेको ट्रेन पलटने के बाद टनल के ऊपर बिछी विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हुई है। यह तो किस्मत सही रही कि तार टूटकर पानी में नहीं गिरा नहीं तो बडी दुर्घटना हो सकती थी। टीएचडीसी की विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना निर्माण का कार्य कर रही कंपनी हिंदुस्तान कंस्क्ट्रशन कंपनी लिमटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद सिंह ने माना कि यह दुर्घटना गंभीर लापरवाही का नतीजा है। सुरक्ष मानकों के अनुसार शिफ्ट चेंज होने के दौरान सामान से लदी लोको ट्रेन के चालक को बिना दूसरे आपरेटर आए रिलीव नहीं किया जाना चाहिए था। इसके लिए सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को यह सब कुछ सुनिश्िचत करना था।

    क्या कहते हैं घायल

    दुर्घटनाग्रस्त लोको ट्रेन चला रहे आपरेटर उडीसा निवासी संतोष के सीने ,हाथ व कान पर गंभीर चोटें आई हैं। कहना है कि टक्कर लगते ही चीख पुकार मच गई थी लोको ट्रेन में सवार लोग छिटक कर इधर उधर गिर गए कुछ समझ में नहीं आया कि आखिर एक ही पटरी पर यह लोको ट्रेन कैसे चल रही थी। जबकि सिंगनल भी दिया गया लेकिन टनल के अंदर से आ रही ट्रेन रुकी नहीं । हालांकि पहला डिब्बा मजबूत होने के चलते डिब्बे में बैठे लोगों को कम चोटे आई।

    उत्तर प्रदेश जिला मुरादाबाद निवासी अनुज कुमार का पांव फेक्चर हुआ है। बताया कि एक ही ट्रेक पर दो ट्रेनें चलेंगी यह सोचा नहीं था। यह पूरी तरह सुरक्षा मानकों की अनदेखी है।

    लखीमपुर खीरी उत्तरप्रदेश निवासी रंजीत के कंधे पर गंभीर चोट आई है। कहना है कि वे नाइट की शिफ्ट पर जा रहे थे। यह एक औ्द्योगिक ईकाई है। इसमें नियमानुसार सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना चाहिए था लेकिन सुरक्षा मानकों के नाम पर टनल में कुछ भी नहीं है। यही कारण है कि यह दुर्घटना हुई है।

    हिमांचल जिला कांगडा निवासी शंकर दास भी जिला चिकित्सालय में भर्ती हैं। कहना है कि बिना सुरक्षा मानको को नजर अंदाज किए जाने से ही यह घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद उन्हें कंपनी के आला अधिकारियों द्वारा हाल जानना तक उचित नहीं समझा ।

    तरंगतारन पंजाब निवासी गुरुशेख सिंह ने बताया कि कंधे व छाती पर गंभीर चोट आई है। कहा कि टनल के अंदर सुरक्षा मानकों की कदम कदम पर अनदेखी है। जिस प्रकार लोको ट्रेन पलटी ओर विद्युत की लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिरता तो करंट से बडा हादसा हो सकता था।

    क्या कहते हैं अधिकारी

    जल विद्युत परियोजना के टनल में दो लोको ट्रेनों में हुई भिंडत को लेकर हुई लापरवाहियों की जांच पुलिस कर रही है। जांच के बाद जिस स्तर पर भी लापरवाही पाई जाएगी कानूनी कारवाई की जाएगी। - सुरजीत सिंह पंवार, पुलिस अधीक्षक चमोली

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