साइबर ठगों ने पांच घंटे तक किया डिजिटल अरेस्ट, पड़ोसियों ने पुलिस को दी खबर; चालाकी से बचाए लाखों रुपए
बागेश्वर के कपकोट में पुलिस ने एक व्यक्ति को साइबर ठगों द्वारा की गई 'डिजिटल अरेस्ट' से बचाया। ठगों ने स्वयं को जम्मू-कश्मीर एटीएस अधिकारी बताकर पुलवा ...और पढ़ें

एक व्यक्ति को लगभग पांच घंटे की डिजिटल अरेस्ट से मुक्त करावाया। प्रतीकात्मक
जागरण संवाददाता, बागेश्वर । साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे त्वरित रिस्पांस अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना कपकोट पुलिस ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए एक व्यक्ति को लगभग पांच घंटे की डिजिटल अरेस्ट से मुक्त करावाया। साइबर ठग दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे जिसे विफल कर दिया।
कपकोट के ऐठाण, गांव निवासी कल्याण राम को एक अज्ञात नंबर से काल आई। काल करने वाले ने स्वयं को जम्मू-कश्मीर एटीएस का अधिकारी बताते हुए पीड़ित को यह कहकर भयभीत किया कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल पुलवामा हमले के आतंकियों द्वारा हथियार खरीदने में किया गया है।
गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगों ने पीड़ित को एक कमरे में बंद रहने को मजबूर किया तथा वीडियो काल के जरिए उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया। लगभग पांच घंटे तक चले मानसिक उत्पीड़न के दौरान साइबर ठगों ने पीड़ित से उसके बैंक खाते तथा आधार कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। जब पीड़ित ने काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खोला तो पड़ोसियों को संदेह हुआ तथा उन्होंने तुरंत थाना कपकोट पुलिस को सूचना दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नगरकोटी पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सूझबूझ से कमरे का दरवाजा खुलवाकर पीड़ित को साइबर ठगों के चंगुल से मुक्त कराया। जिस समय पुलिस मौके पर पहुंची, ठग पीड़ित के दो बैंक खातों से लगभग दो लाख रुपये ट्रांसफर करने ही वाले थे, जिसे समय रहते पुलिस ने रुकवा दिया। इसके बाद पुलिस ने बदहवास पीड़ित की काउंसिलिंग की और उसे साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित पाकर पीड़ित कल्याण राम और उनके स्वजन ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कार्यकुशलता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
बागेश्वर पुलिस की अपील
पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के ने आमजन से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी जैसे सीबीआई, पुलिस, एटीएस या ईडी वीडियो काल के माध्यम से किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही फोन पर पैसों की मांग करती है। किसी भी संदिग्ध काल पर डरें नहीं, सतर्क रहें और तुरंत अपने नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। साथ ही अपनी बैंक डिटेल, आधार नंबर या ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।