रानीखेत: महिला की मौत से जनाक्रोश, सड़कों पर ग्रामीण; हमला बाघ ने किया या गुलदार ने अब तक नहीं पता
रानीखेत के खाल्यों क्यारी गांव में एक महिला को जंगली जानवर ने मार डाला, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने मोहन-रानीखेत हाईवे जाम कर जानवर क ...और पढ़ें

महिला को मारने वाला बाघ है या गुलदार आदमखोर घोषित कर मारने की जिद पर अड़े। जागरण
जागरण संवाददाता, सल्ट (रानीखेत)। कार्बेट टाइगर रिजर्व से लगे मोहान रेंज के खाल्यों क्यारी गांव में गम व गुस्से का माहौल है। वन्यजीव के बचुलीर देवी को शिकार बनाने के बाद बीती रात करीब आठ घंटे तक स्टेट हाईवे पर धरना दिया गया था। इधर अगले रोज जनाक्रोश फिर भड़क उठा है।
ग्रामीणों ने कहा कि हिंसक वन्यजीव बाघ है या गुलदार उसे नरभक्षी घोषित कर मारने के आदेश दिए जाएं। हो हल्ले के बीच मोहान रानीखेत राजमार्ग पर जाम लगा दिया गया है। डीएफओ दीपक सिंह, एसडीएम रिंकू बिष्ट व पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया। मगर वह जिद पर अड़ गए हैं। इधर वन विभाग की ओर से घटना स्थल के इर्दगिर्द दो बाघ व एक गुलदार का पिंजड़ा लगा दिया गया। हिंसक वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखन के लिए आसपास 15 ट्रैप कैमरे भी लगा दिए गए हैं। खाल्यों क्यारी के जंगल में कांबिंग भी की जा रही है।
ग्राम पंचायत खाल्यों क्यारी निवासी कुशल सिंह की पत्नी बचुली देवी बीते बुधवार की शाम करीब तीन बजे घास लेने के लिए गांव के ही जंगल में गई थी। कुछ और महिलाएं भी गई थी जो कुछ दूर थी। काफी देर बाद भी नहीं लौटी तो स्वजन को चिंता सताने लगी। एक चप्पल मिलने पर हड़कंप मचा। ग्रामीणों ने तलाश शुरू की तो देर शाम क्षत विक्षत शव मिला था। शरीर का आधा से ज्यादा हिस्सा गायब था। प्रधान प्रतिनिधि कुबेर सिंह के अनुसार तब वन विभाग व पुलिस को बाघ के हमले की सूचना दी गई।
पगमार्कों की पहचान में जुटे वन कर्मी
गुस्साए लोग क्षत विक्षत शव लेकर मोहान रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे पर धरने पर बैठ गए। देर रात डीएफओ दीपक सिंह, वन क्षेत्राधिकारी उमेश पांडे मय टीम पहुंचे। ग्रामीणों ने इसे बाघ का हमला बताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग उठाई। डीएफओ के प्रभावी कदम उठाने व हिंसक वन्यजीव को कैद करने के ठोस आश्वासन पर मध्यरात्रि बाद लगभग दो बजे जैसे तैसे शव उठाने दिया गया। वन कर्मियों को गश्त पर लगाया गया।
गुरुवार की प्रात: डीएफओ दीपक सिंह मय टीम दोबारा घटना स्थल पर पहुंचे। वन्यजीव विशेषज्ञों को भी बुलाया गया। ताकि पगमार्कों के आधार पर पता लगाया जा सके हिंसक वन्यजीव बाघ है या गुलदार। वहीं शव पर लगे वन्यजीव के बालों के नमूने एकत्र कर देहरादून भेजा जा रहा है। साथ ही लार एकत्र करने का भी प्रयास किया गया, ताकि डीएनए टेस्ट करा बाघ या गुलदार की पुष्टि की जा सके।

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