अंकिता भंडारी हत्याकांड: दो बहनों ने अपने खून से लिखा राष्ट्रपति को पत्र, न्याय दिलाने की मांग की
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर अल्मोड़ा की कुसुम और संजना बौड़ाई नामक दो बहनों ने राष्ट्रपति को अपने खून से पत्र लिखा है। यह पत्र इ ...और पढ़ें

अल्मोड़ा की दो बहनों ने अपने खून से राष्ट्रपति को पत्र लिख न्याय की मांग की है।
स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में
जासं, अल्मोड़ा: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर देशभर में उठ रही आवाजाें के बीच अब भिकियासैण की दो बहनों ने अपने खून से पत्र लिख न्याय की मांग की है। कुसुम बौड़ाई और 10वीं की छात्रा संजना बौड़ाई का यह पत्र इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो रहा है।
पत्र ने छात्रा ने राष्ट्रपति से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और मामले में संलिप्त प्रभावशाली (वीआइपी) लोगों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

भारत है एक न्यायप्रिय देश
पत्र में छात्रा ने लिखा है कि भारत एक न्यायप्रिय देश है, जहां किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए। उसने कहा कि अंकिता भंडारी जैसी बेटियों के साथ हुई घटनाएं पूरे समाज को झकझोर देती हैं और यदि ऐसे मामलों में प्रभावशाली लोगों को संरक्षण मिलता है, तो आम जनता का न्याय व्यवस्था से विश्वास डगमगाता है।

सख्त कार्रवाई करने की मांग
छात्रा ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वे इस गंभीर मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में कोई भी महिला या बेटी खुद को असुरक्षित महसूस न करे।
- पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि देश की बेटियों की सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक और सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

कानून सबके लिए है समान
संजना ने लिखा कि वह एक आम छात्रा है, लेकिन एक नागरिक होने के नाते अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना अपना कर्तव्य समझती है। कुसुम ने बताया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना सिर्फ एक व्यक्ति को न्याय देना नहीं, बल्कि पूरे समाज को यह संदेश देना है कि अपराध चाहे जितना बड़ा या प्रभावशाली क्यों न हो, कानून सबके लिए समान है।
पत्र इंटरनेट मीडिया में वायरल
पत्र के सामने आने के बाद यह पहल इंटरनेट मीडिया और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग छात्रा की संवेदनशीलता और साहस की सराहना कर रहे हैं। कुसुम बौड़ाई व संजना मूलरूप से अल्मोड़ा जिले की भिकियासैंण ब्लाक के बरकिंडा गांव की रहने वाले है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।