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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP Electricity: वाराणसी में मीटरों का टोटा, बिना हिसाब चल रहे 1700 कनेक्शन; लाखों का नुकसान झेल रहा विभाग

By santosh kumar tiwariEdited By: Prince Sharma
Published: Thu, 19 Oct 2023 06:45 AM (IST)

UP Electricity वाराणसी के उपभोक्ता इन दिनों मीटर की कमी से जूझ रहे हैं। विभागीय रिकार्ड के मुताबिक 12 हजार ...और पढ़ें

UP Electricity: वाराणसी में मीटरों का टोटा, बिना हिसाब चल रहे 1700 कनेक्शन; लाखों का नुकसान झेल रहा विभाग
UP Electricity: वाराणसी में मीटरों का टोटा, बिना हिसाब चल रहे 1700 कनेक्शन; लाखों का नुकसान झेल रहा विभाग

HighLights

  1. 12 हजार मीटर की कमी, स्टोर नहीं उपलब्ध करा रहा पाली कार्बोनेट सील
  2. मीटर के लिए उपभोक्ता लगा रहे कार्यालयों की दौड़
  3. विभाग का भी राजस्व नुकसान

जागरण संवाददाता, वाराणसी। जिले के उपभोक्ता इन दिनों मीटर की कमी से जूझ रहे हैं। विभागीय रिकार्ड के मुताबिक 12 हजार मीटर की तत्काल जरूरत है लेकिन उपभोक्ताओं को उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

उपभोक्ता विभाग के खंड व उपखंड कार्यालयों का जहां चक्कर काट रहे हैं वहीं विभाग को राजस्व को चूना लग रहा है। क्योंकि किस उपभोक्ता ने कितनी बिजली खर्च की इसका रिकार्ड उपलब्ध नहीं हो पा रहा। मीटर से जुड़े विभागीय अभियंता बताते हैं कि स्टोर विभाग की ओर से पाली कार्बोनेट सील उपलब्ध नहीं कराने से यह समस्या आई है। जो मीटर कंपनियों ने सप्लाई किया है उसमें विभाग की ओर से लगने वाला सील नहीं है।

कहां कितने मीटर की कमी

जिले में इंस्ट्रूमेंट डिफेक्टिव (आइडीएफ) मीटर बदलने की लंबी कतार है। ग्रामीण सर्किल में आठ हजार घरों में मीटरों बदलने का आवेदन लंबित है। शहरी सर्किल प्रथम में एक हजार जबकि शहरी सर्किल द्वितीय में 500 उपभोक्ताओं के घरों में आइडीएफ मीटर बदलने के आवेदन अभियंताओं की मेज पर पड़े हैं।

उधर, आनलाइन झटपट पोर्टल के जरिए कनेक्शन लेने वाले नए उपभोक्ता भी मीटर के लिए परेशान हैं। शहरी क्षेत्र के प्रथम सर्किल में 600 नए उपभोक्ताओं के घरों में बिना मीटर की बिजली जल रही है। ग्रामीण क्षेत्र में भी करीब एक हजार व सर्किल द्वितीय में 70 नए उपभोक्ताओं को मीटर की दरकार है। चीफ इंजीनियर आनंद प्रकाश शुक्ला बताते हैं कि मीटरों की अनुपलब्धता की समस्या अल्पकालिक है।

इलेक्ट्रिकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में बुलाई गई बैठक

कुछ दिनों में सभी को मीटर उपलब्ध हो जाएंगे। आज लखनऊ में मीटर परीक्षण अभियंताओं की चेयरमैन संग बैठक उधर, मीटर से संबंधित और बड़े भार क्षमता वाले उपभोक्ताओं के बिल जनरेट करने में आ रही समस्याओं के मद्देनजर यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष गोयल ने पूर्वांचल-डिस्काम से जुड़े 29 सर्किल के एक्सईएन मीटर की गुरुवार को लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित इलेक्ट्रिकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में बैठक बुलाई है।

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यहां पूर्वांचल-डिस्काम से जुड़े करीब 55 हजार उन उपभोक्ताओं को समय से बिल देने पर चर्चा होगी जो 10 किलोवाट और उससे ऊपर के भार वाले हैं।

19 अक्टूबर को इन जिलों के इंजीनियर हुए तलब

मीटर परीक्षण खंड में आ रही समस्याएं भी वह अभियंताओं से जानेंगे। खराब प्रगति वाले पांच अधीक्षण अभियंता तलब चेयरमैन ने मीटर लगाने से लेकर बिल जनरेट करने वाले पांच जिलों के उन पांच सर्किल में तैनात अधीक्षण अभियंताओं को तलब किया है जिनकी प्रगति बेहद खराब है। इसके लिए 19 अक्टूबर को ही देवरिया, गोरखपुर, प्रयागराज, बलिया और मिर्जापुर के अधीक्षण अभियंताओं को तलब किया है।

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