यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Electricity Meter Crisis: बिजली कंपनियों में मीटर की कमी, कनेक्शन के लिए चक्कर काट रहे उपभोक्ता
Electricity Meter Crisis यूपी में बिजली उपभोक्ता कनेक्शन के लिए बिजली विभाग के चक्कर काट रहे हैं। पर उन्हें कनेक्शन ...और पढ़ें

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। Electricity Meter Crisis सरकार हर घर तक बिजली (Electricity) पहुंचाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन बिजली विभाग उसकी व्यवस्था ढंग से नहीं कर पा रहा है।
विद्युत उपभोक्ता परिषद का आरोप है कि बिजली कंपनियों के स्टोर में मीटर, खंभे आदि सामग्री नहीं है। इसके चलते पूरा पैसा जमा करने के बाद भी उपभोक्ताओं को कनेक्शन (Electricity Connection) के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
बिजली कंपनियां नहीं कर पा रहीं मीटर की आपूर्ति
- मीटर (Electricity Meter) की कमी के संबंध में पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज का कहना है कि आपूर्ति संबंधी आदेश दिए जा चुके हैं। जहां मीटर की दिक्कत है वहां दूसरे डिस्काम से मीटर मंगाने के निर्देश दिए गए हैं।
- उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का दावा है कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में ही लगभग 18,399 ऐसे बिजली उपभोक्ता हैं, जिन्होंने झटपट पर समस्त औपचारिकताएं पूरी करते हुए पैसा जमा कर दिया, लेकिन आज तक उन्हें मीटर उपलब्ध न होने की वजह से कनेक्शन नहीं मिल पाया। इसी तरह दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में लंबित आवेदनों की संख्या लगभग 11,000 से ऊपर है।
- पश्चिमांचल व पूर्वांचल में भी हजारों की संख्या में मीटर की कमी की वजह से उपभोक्ताओं को कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं।
- वर्मा का कहना है कि अनेक बार प्रबंधन से इस पर बात हो चुकी है, लेकिन हल नहीं निकाल सका। जल्द ही पूरे मामले की शिकायत विद्युत नियामक आयोग से की जाएगी।
- उनका आराेप है कि कई बिजली कंपनियों में यह आदेश जारी कर दिया गया कि पूर्व में बिजली उपभोक्ताओं के घर से स्मार्ट मीटर लगाते वक्त जो पुराना मीटर उतार लिया गया था, उसी मीटर को लगाकर नया कनेक्शन दे दिया जाए।
उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन (Electricity Connection) लेने के लिए मीटर उपलब्ध न होना अपने आप में बहुत ही गंभीर मामला है। हजारों की संख्या में किसान भी पूर्ण जमा योजना में सामग्री के लिए पैसा जमा करने के बाद भी स्टोरों के चक्कर काट रहे हैं।
