पर्यटन उद्योग से जुड़ने वालों को 10 लाख तक की आर्थिक छूट, बनारस को मिलेगी काफी सहूलियत
वाराणसी में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन द्वारा आत्मनिर्भर भारत एमएसएमई-ओडीओपी शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। मंत्री रविंद्र जायसवाल ने दुकान के किराए पर पंजीयन शुल्क 500 रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने पर्यटन को उद्योग से जोड़ने और उद्यमियों को 10 लाख तक की छूट देने की बात कही।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन की ओर से ताज होटल में आयोजित दो दिवसीय ‘आत्मनिर्भर भारत एमएसएमई- ओडीओपी शिखर सम्मेलन एवं व्यापार एक्सपो’ का समापन रविवार को हुआ।
कायर्क्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने और देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को एक सशक्त मंच प्रदान करना था। समापन समारोह के मुख्य अतिथि स्टांप एवं पंजीयन शुल्क मंत्री रविंद्र जायसवाल थे। उनहोंने कहा कि दुकान या शोरूम के लिए किराए के मकान के करारनामे पर पंजीयन शुल्क अब केवल 500 रुपये होगा। यह घोषणा उद्यमियों को बड़ी राहत प्रदान करेगी और व्यापार को सुचारू रूप से चलाने में सहायक सिद्ध होगी।
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मंत्री ने कहा कि यह कदम व्यापार की राह को आसान बनाएगा और छोटे से छोटे उद्यमी को भी अपने कारोबार को बढ़ाने का अवसर देगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि पर्यटन को उद्योग से जोड़ने की राह को और सुगम बनाया जाएगा। इस दिशा में उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक छूट प्रदान की जाएगी। मंत्री जायसवाल ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश की आर्थिक व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय था जब अंग्रेज और पुर्तगाली यह मानते थे कि भारतीय केवल जादू-टोना जानते हैं, लेकिन आज भारत ने अपनी आर्थिक शक्ति का लोहा मनवाते हुए 11वें पायदान से चौथे पायदान पर छलांग लगाई है और जल्द ही हम तीसरे पायदान पर होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए उद्यमियों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है और वोकल फार लोकल को बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। मंत्री जायसवाल ने युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्हें बाहर जाने के बजाय अपने देश में ही उद्योग स्थापित करने पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए सरकार 25 करोड़ रुपये तक का आसान ऋण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 2047 तक एक ट्रिलियन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। गोरखपुर के टेराकोटा स्टाल पर उन्होंने कारीगरों को मिट्टी की सुराही के स्थान पर मिट्टी की बोतलें बनाने की सलाह दी, ताकि वे अपने उत्पादों को आधुनिक बाजार के अनुरूप ढाल सकें।
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पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, लोन स्कैम, सेक्सटॉर्शन, फर्जी नौकरी और कस्टमर केयर स्कैम जैसी विभिन्न प्रकार की आनलाइन ठगियों से बचने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने व्यापारियों को डिजिटल लेनदेन में सावधानी बरतने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करने की सलाह दी।
शिखर सम्मेलन के साथ ही एक भव्य 'बिजनेस एक्सपो 2025' का भी आयोजन किया गया, जो 'वोकल फार लोकल' की भावना को सही मायनों में साकार करता है। इस एक्सपो में उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) के तहत चयनित उत्पादों के स्टॉल लगाए गए। इन स्टालों में आगरा के विश्व प्रसिद्ध पेठे और चमड़े के जूते, प्रतापगढ़ के औषधीय गुणों से भरपूर आंवला मुरब्बा, सिद्धार्थनगर का सुगंधित काला नमक चावल, अलीगढ़ के मजबूत ताले, वाराणसी की विश्व प्रसिद्ध बनारसी सिल्क साड़ियां, मुरादाबाद के कलात्मक पीतल के बर्तन, गोरखपुर का पारंपरिक टेराकोटा शिल्प और फिरोजाबाद के कांच के उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने रहे।
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एक्सपो ने उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) कनेक्ट स्थापित करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान किया। यह दो दिवसीय सम्मेलन न केवल व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने का एक मंच था, बल्कि यह भारत के आर्थिक भविष्य और उद्यमी भावना की एक झलक भी थी। इस सम्मेलन ने यह सिद्ध किया कि सही मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयासों से भारत का MSME क्षेत्र वैश्विक पटल पर एक नई पहचान बना सकता है, और देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जा सकता है।
बोले उद्यमी
इस दो दिवसीय आयोजन ने संगठन से जुड़े 11 राज्यों के 212 जिलों के उद्यमियों के लिए एक बेहतरीन मंच साबित हुआ। उन्होंने कहा कि एक व्यापारी को एमएसएमई और ओडीओपी जैसे विभागों के अधिकारियों से मिलने में अक्सर कई घंटे इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इस मंच के माध्यम से सभी अधिकारी एक साथ आए और उन्होंने सभी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। यह उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर था।
- अमित गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन।
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बोले अधिकारी
इस तरह के कार्यक्रम व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करते हैं और उनके अनुभव एक-दूसरे को प्रेरित करते हैं। उन्होंने बताया कि उद्योग स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों को एक साझा मंच पर साझा करने से ठोस समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसे मंचों से ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं, जो कई उद्यमियों को पता नहीं होतीं, और इसी तरह के आयोजन व्यापारियों की उन्नति में सहायक होते हैं।
- मनोज मद्धेशिया, राष्ट्रीय महामंत्री, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन।
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