Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    कभी ऑटो चलाते थे शंख एयरलाइन्स के मालिक... अब उड़ाएंगे जहाज, बचपन से ही था कुछ बड़ा करने का सपना

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 03:31 PM (IST)

    श्रवण कुमार विश्वकर्मा, जो कभी उन्नाव में टेंट व्यवसायी और कानपुर में ऑटो चालक थे, अब 'शंख एयरलाइन' के मालिक बन गए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से एनओस ...और पढ़ें

    Hero Image

    जागरण संवाददाता, उन्नाव। शहर के कलक्टरगंज फाटक निकट के निवासी श्रवण कुमार कोरोना काल तक टेंट व्यवसायी के रूप में जाने जाते थे। इसके बाद उन्होंने कुछ करने की ठानी तो वह यहां से कानपुर के लाटूश रोड में परिवार सहित शिफ्ट हो गए। जहां उन्होंने जीवन यापन के लिए आटो भी चलाया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अब श्रवण कुमार विश्वकर्मा की ख्याति आसमानी फिजाओं में उनकी अपनी शंख नाम की एयरलाइन से उड़ान भरने के लिए भारत सरकारी की पसंद बन चुकी है। 'शंख एयरलाइन' को नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारत सरकार से एनओसी मिलने के बाद, 2026 की पहली तिमाही में लखनऊ से उड़ानें शुरू होंगी।

    श्रवण की इस सफलता को लेकर मुहल्ले के उनके मित्रों ने उनके संघर्षमय अतीत को दैनिक जागरण से साझा किया। शंख एयरलाइंस के चैयरमैन श्रवण कुमार विश्वकर्मा इस समय शहर के अंदर चर्चा में है। श्रवण जनपद के छोटे से गांव चांदपुर गजौली गांव के रहने वाले हैं।

    श्रवण का परिवार कई वर्षों से उन्नाव शहर में सदर कोतवाली के पास बने कलक्टरगंज फाटक निकट पैतृक मकान में रहता है। श्रवण के चाचा का एक टेंट हाउस भी है। श्रवण इसी टेंट हाउस व कुछ फर्नीचर की दुकानों में लोडर चलाकर अपनी जीविका चलाते थे।

    पड़ोसियों में शकील अहमद व लईक खान ने बताया कि श्रवण बचपन से ही कुछ बड़ा करने का सपना देख रहे थे, जिसका वह कभी-कभी जिक्र भी करते थे। उन्नाव में रहते ही श्रवण लोडर चलाने के अलावा प्रापर्टी डीलर के साथ प्लाट बिक्री कराकर पैसा कमाने लगा।

    2016 में नोट बंदी के बाद श्रवण पिता रमाशंकर विश्वकर्मा और मां सुशीला के साथ कानपुर के लाटूश रोड में आकर रहने लगे। पिता का लोहे का कारोबार था। इसके बाद श्रवण लखनऊ गोमती नगर एक्सटेंशन में रहने लगे। वहां पर कारोबार शुरू किया।

    पिता का निधन होने के बाद व्यवसाय की जिम्मेदारी संभाली। जहां उसने प्रापर्टी बेचने व खरीदने के साथ ही खनन में भी अपना भाग्य आजमाया। इस दौरान मेहनत, संघर्ष, बुलंद किस्मत के बलबूते एयरलाइंस इंडस्ट्री तक पहुंच गया।

    यह भी पढ़ें- आसमान के एकाधिकार पर विराम लगाएगी प्रतिस्पर्धा की नई उड़ान, तैयार है शंख एयर

    यह भी पढ़ें- भारत में शुरू हो रहीं तीन नई एयरलाइंस, कब-कहां और कैसे शुरू होगा परिचालन; पढ़ें रिपोर्ट