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    भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती के बावजूद नहीं थम रही यूरिया तस्करी, 10 दिनों में पकड़ी गईं 253 बोरियां

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 10:24 AM (IST)

    भारत-नेपाल सीमा पर सिद्धार्थनगर जिले में यूरिया तस्करी गंभीर रूप ले रही है। पिछले दस दिनों में 253 बोरी यूरिया खाद पकड़ी गई है, लेकिन तस्करों के हौसले ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक तस्वीर

    जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा से सटे जिले में यूरिया खाद की तस्करी लगातार गंभीर रूप लेती जा रही है। हालात यह हैं कि बीते दस दिनों के भीतर सीमाई क्षेत्र के अलग–अलग स्थानों से कुल 253 बोरी यूरिया खाद पकड़ी जा चुकी है।

    इसके बावजूद तस्करों के हौसले कम नहीं हो रहे हैं। सस्ती दर पर भारत में उपलब्ध यूरिया को नेपाल में अधिक दाम पर बेचने के लालच में तस्कर रोज नए तरीके अपना रहे हैं।

    सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा पुलिस और सीमा शुल्क विभाग के सहयोग से चलाए जा रहे विशेष नाकों के दौरान लगातार बड़ी बरामदगी हो रही है। कहीं ऑटो और पिकअप के जरिए खाद ले जाई जा रही है तो कहीं साइकिल, बाइक और झाड़ियों में छिपाकर तस्करी की योजना बनाई जा रही है।

    तस्करों द्वारा सीमावर्ती गांवों के कच्चे रास्तों और सीमा स्तंभों के आसपास के इलाकों को अधिक चुना जा रहा है। खाद की बरामदगी को लेकर लोग लगातार यह सवाल कर रहे हैं कि इतने बड़े पैमाने पर यूरिया नेपाल जा कैसे रही है। विभाग दुकानों की निगरानी किस प्रकार से कर रहा है।

    यूरिया की लगातार हो रही बरामदगी यह साफ संकेत दे रही है कि जिले में तस्करी एक संगठित नेटवर्क के तहत संचालित हो रही है। एसएसबी का कहना है कि सीमा पर सतर्कता और गश्त को और मजबूत किया गया है, ताकि इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

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    केस–1

    27 दिसंबर को सशस्त्र सीमा बल धनौरा चौकी के जवानों ने सीमा स्तंभ संख्या 558 के समीप धनौरा गांव के रास्ते से एक ऑटो द्वारा भारत से नेपाल ले जाई जा रही 27 बोरी यूरिया खाद के साथ एक तस्कर को पकड़ा। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम अर्जुन निवासी डोहरियाखुर्द, इटवा भाट, थाना शोहरतगढ़ बताया। उसने स्वीकार किया कि वह यूरिया खाद नेपाल में अधिक दाम पर बेचने के लिए ले जा रहा था।

    केस दो

    27 दिसंबर को एसएसबी चौकी ककरहवा व पुलिस की संयुक्त गश्ती दल ने तस्करी की बड़ी कोशिश को नाकाम किया। सूचना मिली थी कि सीमा स्तंभ संख्या 544/1 के पास झाड़ियों में यूरिया खाद छिपाकर रखी गई है, जिसे उचित समय देखकर नेपाल भेजा जाना है। सूचना पर संयुक्त दल तत्काल मौके पर पहुंचा। झाड़ियों की तलाशी लेने पर वहां से 10 बोरी यूरिया खाद और दो साइकिल बरामद हुईं।

    केस तीन

    तीन जनवरी को एसएसबी की सीमा चौकी कोटिया के जवानों ने नाके के दौरान दो अलग–अलग स्थानों पर बड़ी कार्रवाई की। पहली कार्रवाई में कोटिया गणेशपुर मार्ग पर एक पिकअप वाहन से 60 बोरी यूरिया खाद बरामद की गई। चालक ने अपना नाम शौकत अली (45 वर्ष), निवासी महथा, थाना शोहरतगढ़ बताया।

    इसी क्रम में सीमा चौकी धनौरा और पुलिस की संयुक्त टीम ने सीमा स्तंभ संख्या 558 के पास तीन बोरी यूरिया और एक मोटरसाइकिल के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम राम किशोर कुर्मी, निवासी चौहट्टा, जिला कपिलवस्तु, नेपाल बताया।

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    लगातार तरीके बदल रहे तस्कर

    इन मामलों के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि यूरिया तस्कर लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं। सीमावर्ती गांवों के कच्चे रास्तों और सीमा स्तंभों के आसपास के इलाकों का उपयोग सबसे अधिक किया जा रहा है। छोटे वाहनों जैसे ऑटो, साइकिल और मोटरसाइकिल का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है ताकि संदेह कम हो।

    बड़ी खेप के लिए पिकअप वाहन लगाए जा रहे हैं। कई मामलों में तस्कर पहले यूरिया को झाड़ियों, खेतों या आबादी से दूर सुरक्षित स्थानों पर छिपा देते हैं। इसके बाद निगरानी कमजोर होने या अंधेरा होने पर खाद को सीमा पार ले जाने की कोशिश करते हैं।


    दुकानों से यूरिया किसानों को दी जा रही है। यूरिया नेपाल भेजने वालों में सिर्फ सिद्धार्थनगर के ही किसान नहीं हैं, बल्कि जिले के बाहर के भी किसान इसमें लगे हुए हैं। अब दुकानों की नियमित समीक्षा भी की जाएगी कि उन्होंने उर्वरक किसे दिया है। जो यूरिया बरामद हुई है, उसकी भी जांच करायी जाएगी कि वह आया कहां से है।

                                                                                       राजेश कुमार, उप कृषि निदेशक