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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'सर्वे रोकने के लिए कराई गई हिंसा,' न्यायिक आयोग में विष्णु जैन ने दर्ज कराया बयान, बोले- बहुत बड़ा षड्यंत्र...

Published: Fri, 28 Feb 2025 05:51 PM (IST)

जामा मस्जिद में सर्वे को प्रभावित करने के लिए आगजनी और फायरिंग की गई थी। यह दावा सुप्रीम कोर्ट के ...और पढ़ें

यह सब मंदिर होने के सुबूत छुपाने का षड्यंत्र- बोले अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन। (तस्वीर जागरण)
यह सब मंदिर होने के सुबूत छुपाने का षड्यंत्र- बोले अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन। (तस्वीर जागरण)

HighLights

  1. सर्वे को विफल करने के लिए की गई हिंसा: विष्णु शंकर जैन
  2. मस्जिद में मंदिर का दावा पेश करने वाले अधिवक्ता ने दर्ज कराए न्यायिक आयोग के समक्ष बयान

जागरण संवाददाता, संभल। जामा मस्जिद में हरिहर मंदिर होने का कोर्ट में हिंदू पक्ष की ओर से दावा पेश करने वाले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि मस्जिद में सर्वे को प्रभावित करने के लिए आगजनी व फायरिंग की गई। संभल का सच सामने न आ जाए, इसके लिए सुनियोजित साजिश के तहत सर्वे को विफल करने की कोशिश की गई।

गुरुवार को न्यायिक आयोग के समक्ष बयान दर्ज कराने के बाद उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश पर 19 व 24 नवंबर को मस्जिद में हुए सर्वे के दौरान जो कुछ हुआ, वह उन्होंने स्वयं देखा और जो देखा वही आयोग के सामने बयान कर दिया।

मस्जिद में रंगाई-पुताई का कोई औचित्य नहीं- विष्णु जैन

इलाहाबाद हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बारे में उन्होंने कहा कि मस्जिद में रंगाई-पुताई का कोई औचित्व नहीं है। रंगाई पुताई तो एक बहाना है। मंदिर होने के सुबूत छुपाने का एक षड्यंत्र है। एएसआइ ने भी इसी तरह की रिपोर्ट पेश की है। अब हाईकोर्ट ने इंतजामिया कमेटी को अपना पक्ष रखने के लिए समय देते हुए चार मार्च को सुनवाई करने के आदेश दिए हैं।

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24 नवंबर को स्थिति कंट्रोल से बाहर थी

कहा कि सर्वे के दौरान 19 नवंबर को नारेबाजी करते हुए विरोध जताया गया। अगले सर्वे के दौरान 24 नवंबर को भी भारी मात्रा में हिंसा हुई। स्थिति कंट्रोल से बाहर हो रही थी, पुलिस को आंसू गैस छोड़नी पड़ी थी। मालूम हो कि जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान 24 नवंबर को हिंसा हो गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत भी हुई थी तो वहीं दूसरी ओर कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी घायल हो गए थे।

संभल जामा मस्जिद में नमाज के दौरान तैनात पुलिस बल।

इस मामले में प्रदेश सरकार की ओर से तीन सदस्य न्यायिक आयोग गठित कर जांच के आदेश दिए थे। शुक्रवार को चौथी बार न्यायिक आयोग की टीम संभल पहुंची, जहां पर लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में उनके द्वारा लोगों के बयान दर्ज किए गए। इनमें हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन भी अपने बयान दर्ज करने के लिए वहां पहुंचे थे।

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