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    Maha Shivratri 2025: संभल के खग्गू सराय मंदिर में 46 साल बाद महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक, डाक कांवड़ चढ़ाई

    Updated: Wed, 26 Feb 2025 11:23 AM (IST)

    Sambhal Maha Shivratri 2025 महाशिवरात्रि 2025 पर 46 साल बाद खग्गू सराय के मंदिर में शिव का जलाभिषेक हुआ। इस ऐतिहासिक घटना को लेकर श्रद्धालुओं में अपार उत्साह है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के चारों ओर बांस-बल्लियों से बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस ने गली के हर मोड़ पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

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    Maha Shivratri 2025: मंदिर में डाक कांवड़ लेकर आए क्षेमनाथ मंदिर के महंत दीनानाथ व अन्य श्रद्धालु जलाभिषेक करते।

    संवाद सहयोगी, जागरण, संभल। Sambhal News: नखासा थाना क्षेत्र के मुहल्ला खग्गू सराय में बंद पड़े मंदिर के खुलने के बाद पहली बार महाशिवरात्रि का पर्व आया है। इसे धूमधाम से मनाया जा रहा है। 46 साल बाद इस मंदिर में महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक हुआ। 

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    महाशिवरात्रि के मौके पर शिवालियों में श्रद्धालुओं का तांता सुबह से ही लगा हुआ दिखाई दे रहा था। जहां पर श्रद्धालु जलाभिषेक के साथ पूजा अर्चना कर रहे थे। ऐसे में पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

    बुधवार को महाशिवरात्रि का पर्व उत्साह व भक्ति भावना के साथ मनाया गया। ऐसे में शिवालयों में सवेरे से ही श्रद्धालु जुटना शुरू हो गए थे। नगर के मुहल्ला खग्गू सराय स्थित प्राचीन मंदिर पर भी सुबह पांच बजे से श्रद्धालु पूजा−अर्चना और जलाभिषेक के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे।

    भगवान शिव की पिंडी का किया जलाभिषेक

    जहां उन्होंने विधि विधान से पूजा अर्चना की और भगवान शिव की पिंडी का जलाभिषेक किया, इसके साथ ही कुछ श्रद्धालु डाक कांवड़ लेकर भी वहां पहुंचे। जिन्हें प्राथमिकता पर जलाभिषेक कराया गया। परंतु इसके साथ ही अन्य श्रद्धालु भी वहां दोपहर तक जलाभिषेक और पूजा अर्चना करने के लिए आते हुए दिखाई दिए, इसके साथ ही मंदिर परिसर में महिलाएं व युवतियां भजन कीर्तन कर रही थी, जिससे पूरा वातावरण भक्ति में दिखाई दे रहा था और वहां आसपास भजनों व बम बम भोले के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

    बेरिकेडिंग की व्यवस्था

    बांस और बल्लियां लगाकर बेरिकेडिंग की गई है। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र खग्गू सराय में वर्षों से बंद पड़ा एक प्राचीन शिव मंदिर दिसंबर 2024 में सामने आया था। बिजली चेकिंग के दौरान मंदिर का दरवाजा जर्जर अवस्था में बंद मिला था और इस पर अवैध कब्जा भी पाया गया था। पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मंदिर को मुक्त कराया। मंदिर के गर्भगृह में हनुमान जी की प्रतिमा के साथ शिवलिंग और शिव परिवार भी विराजमान थे। इसके बाद से पूजा-अर्चना शुरू हो गई। तब से यहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा हुआ है।

    संभल के खग्गू सराय मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते को बांस-बल्ली लगाकर किया बंद। जागरण

    मंदिर में पहली शिवरात्रि, जलाभिषेक के लिए पहुंचे भक्त

    इस वर्ष महाशिवरात्रि पर मंदिर में पहली बार जलाभिषेक का आयोजन हुआ, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। चूंकि यह इलाका मुस्लिम बहुल क्षेत्र में आता है, इसलिए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस ने मंदिर के चारों ओर बांस-बल्लियों से बैरिकेडिंग कर दी है। विशेष रूप से नखासा की ओर से आने वाले रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

    संभल के खग्गू सराय स्थित मंदिर में डाक कांवड़ लेकर आए क्षेमनाथ मंदिर के महंत दीनानाथ व अन्य श्रद्धालु जलाभिषेक करते।

    हर मोड़ पर पुलिस की तैनाती

    इसके अलावा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास की ओर से जाने वाले रास्ते पर बेरियर लगाया गया है। इसके अलावा गली के हर मोड़ पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

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    हिंदू परिवारों ने किया था पलायन

    मालूम हो कि 1978 के दंगे के बाद यहां रहने वाले हिंदू परिवारों ने मुस्लिम बहुल्य मोहल्ला होने और खौफ के चलते पलायन किया था। तभी से यह मंदिर धीरे-धीरे लोगों की नजरों से ओझल होता चला गया। प्रशासन की कार्रवाई के बाद जब यह फिर से खुला तो पूरे क्षेत्र में धार्मिक भावना जाग उठी। अब पहली महाशिवरात्रि पर यहां होने वाले जलाभिषेक को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।