प्रयागराज जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में 'नो व्हीकल जोन' से यात्री परेशान, सिविल लाइंस साइड से प्रवेश बंद
Magh Mela 2026 प्रयागराज माघ मेला के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के कारण रेलवे स्टेशन पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं। जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया को ...और पढ़ें

Magh Mela 2026 के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा को देखते हुए प्रयागराज जंक्शन पर यातायात प्रतिबंध लागू होने से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें। जागरण
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Magh Mela 2026 के प्रथम स्नान पर्व 'पौष पूर्णिमा' कल यानी तीन जनवरी को है। इसके मद्देनजर संगम वीर प्रबंधन का प्लान लागू कर दिया गया है। भारी भीड़ की संभावना के चलते रेलवे प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन इन व्यवस्थाओं ने आम यात्रियों और श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आज दो जनवरी से ही प्रयागराज जंक्शन परिसर यानी सर्कुलेटिंग एरिया को 'नो व्हीकल जोन' घोषित कर यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। सिविल लाइंस साइड से प्रवेश बंद कर दिया गया है।
एकतरफा व्यवस्था से बढ़ी दूरी
Magh Mela 2026 भीड़ को नियंत्रित करने और आमने-सामने की टकराहट रोकने के लिए रेलवे ने प्रवेश और निकास के अलग-अलग द्वार निर्धारित किए हैं। अब यात्री केवल सिटी साइड (लीडर रोड) से स्टेशन में प्रवेश कर सकते हैं, जबकि सिविल लाइंस साइड (नवाब यूसुफ रोड) को केवल निकास के लिए रखा गया है। इस बदलाव के कारण सिविल लाइंस की ओर से आने वाले यात्रियों को करीब 3 किलोमीटर का चक्कर काटकर सिटी साइड जाना पड़ रहा है।
किराये की मार और भारी सामान का बोझ
Magh Mela 2026 वाहनों के प्रवेश पर रोक का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। ई-रिक्शा और ऑटो चालक मजबूरी का फायदा उठाकर मुंह मांगा किराया वसूल रहे हैं। रामदीन (65), जो सुल्तानपुर से आए हैं, बताते हैं: "हाथ में भारी ट्रॉली बैग है और पैरों में दर्द। रिक्शा वाले जंक्शन के सिविल लाइन साइड में उतार दिया है। यहां से पैदल चलना पहाड़ जैसा लग रहा है।" सुनीता देवी, जो अपने छोटे बच्चे के साथ पहुंची हैं, कहती हैं "सिविल लाइंस की तरफ से अंदर जाने नहीं दिया गया। अब इतनी भीड़ में बच्चे को लेकर घूमकर जाना बहुत थका देने वाला है।"
क्या कहता है रेल प्रशासन?
Magh Mela 2026 मंडल पीआरओ अमित सिंह के अनुसार, यह व्यवस्था केवल भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है। बताया कि यह प्रतिबंध स्नान पर्व के समाप्त होने के दो दिन बाद तक, यानी भीड़ कम होने तक जारी रहेगा। सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्टेशन पर पार्किंग बंद कर दी गई है। हालांकि रेल प्रशासन इसे सुरक्षा के लिहाज से जरूरी बता रहा है, लेकिन उचित शटल सेवा या सहायता केंद्रों के अभाव में 'पुण्य की डुबकी' लगाने आए श्रद्धालुओं के लिए सफर की शुरुआत काफी कष्टकारी साबित हो रही है।

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