Magh Mela 2026 : संगम की रेती पर माघ मेला शुरू पर व्यवस्था अभी भी अधूरी, शिविरों में बिजली और पानी का अभाव
प्रयागराज में माघ मेला शुरू हो गया है, लेकिन व्यवस्थाएं अधूरी हैं। शिविरों में बिजली-पानी न होने से कल्पवासियों को परेशानी हो रही है। टेंट कंपनियों की ...और पढ़ें

प्रयागराज माघ मेला में अव्यवस्था, अरेल में सेक्टर सात में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने पर विवश कल्पवसी। जागरण
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। माघ मेला में शिविर लगाने में टेंट कंपनियों के हाथ खड़े करने से कल्पवास के लिए आए संतों और गृहस्थों को पहले दिन से ही परेशानी झेलनी पड़ी। इससे कल्पवासियों में मेला प्रशासन के खिलाफ खासी नाराजगी है। संतों और गृहस्थों ने यह भी मांग उठाई है कि लापरवाह टेंट कंपनियों को काली सूची में डालकर इन पर जुर्माना ठोंका जाए।
सरकार की ओर से कल्पवासियों को टेंट लगाने के लिए भारी भरकम बजट दिया जाता है मगर ये टेंट कंपनियां लापरवाही करती हैं जिससे कल्पवासियों को हर वर्ष दिक्कत होती है। इसको लेकर एक हफ्ते तक लगातार टेंट कंपनियों के कार्यालय से लेकर मेला प्राधिकरण मुख्यालय व सेक्टर कार्यालयों में संतों व गृहस्थों का हंगामा भी हुआ था।
शनिवार से माघ मेला में कल्पवास शुरू हो गया मगर टेंट कंपनियों ने काफी संख्या में कल्पवासियों के शिविर तक नहीं लगा सके हैं। लगभग 25-26 प्रतिशत कल्पवासियों के अब भी टेंट नहीं लग सके हैं। यही नहीं जिनके टेंट पिछले दो-तीन दिनों में लगे हैं, वहां पर बिजली-पानी के कनेक्शन तक नहीं हो सके हैं। काफी संख्या में कल्पवासी दूसरों के टेंट में शरण लेकर अपना कल्पवास शुरू किया।
सेक्टर पांच, छह और सात में सबसे ज्यादा परेशानी है। संत शिवालिका ने बताया कि लगभग एक हफ्ते से टेंट कंपनी के गोदाम का चक्कर काटा मगर अभी तक शिविर नहीं लग सका है। राजेश नारायण ने बताया कि टेंट कंपनी 12 जनवरी के बाद टेंट लगाने की तारीख दी है। अब वह मेला में आ गए हैं, दूसरे संत कें टेंट में उन्होंने आश्रय लिया है।
मेला के लिए बनाए गए अस्थायी बस स्टैंड व पार्किंग स्थलों में टायलेट तक की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसके कारण यात्रियों को काफी असुविधा हुई। बेला कछार पार्किंग में तो यात्रियों ने शनिवार को काफी नाराजगी भी जताई।

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