प्रयागराज में देह व्यापार रैकेट का संचालक ग्राहकों को करता वाट्सएप काल, उनसे 50 प्रतिशत रुपये लेता था
प्रयागराज के कीडगंज में पुलिस ने देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ किया है। छापे में नौ लोग गिरफ्तार हुए, जिनमें संचालक सर्वेश द्विवेदी भी शामिल है। सर्वे ...और पढ़ें

प्रयागराज में सेक्स रैकेट में और भी नाम सामने आने के बाद पुलिस जांच तेज हो गई है।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर के कीडगंज स्थित खलासी लाइन स्थित जिस मकान में देह व्यापार में लिप्त नौ लोगों को पकड़ा गया, उनसे गहनता से पुलिस ने पूछताछ की। मालूम हुआ कि ग्राहकों से देह व्यापार संचालक सर्वेश द्विवेदी वाट्सएप काल पर बात करता था। अधिकांश ग्राहकों की व्यवस्था वही करता था। एक से दो हजार रुपये ग्राहकों से लिए जाते थे। इसमें 50 प्रतिशत सर्वेश ले लेता था, जबकि 50 प्रतिशत युवतियों को दिए जाते थे।
पुलिस ने नौ लोगों को पकड़ा
मकान में छापेमारी के बाद कीडगंज पुलिस ने नौ लोगों को पकड़ा था। इसमें चार युवतियां व पांच पुरुष शामिल थे, जिसमें देह व्यापार संचालक सर्वेश भी था। थाने लाकर युवतियों से पूछताछ की गई तो वह रोते हुए छोड़ देने की बात कहने लगीं। महिला पुलिसकर्मियों ने नाम पूछा तो वह गलत नाम बताने लगीं। हालांकि, कुछ देर बाद अपना सही नाम व पता बताया।
संचालक ने 15 हजार रुपये प्रतिमाह पर लिया था मकान
इसके बाद पुलिस ने देह व्यापार संचालक सर्वेश द्विवेदी से पूछताछ की। उसने बताया कि करीब तीन माह पहले उसने 15 हजार रुपये प्रतिमाह पर मकान किराये पर लिया था। मकान मालिक द्वारा कहा गया था कि परिवार वालों को ही किराये पर मकान दिया जाएगा, जिस पर उसने झूठा बोला था कि वह परिवार समेत यहां रहेगा। मकान मुहल्ले के किनारे था, इसलिए उसे यह मकान गलत कारोबार को लेकर सुरक्षित लगा।
संचालक के मोबाइल में युवतियों व ग्राहकों के नंबर
सूत्रों की मानें उसने पुलिस को बताया कि अधिकांश ग्राहक वहीं ले आता था। सभी से वाट्सएप पर बात करता था। प्रति ग्राहक से एक से दो हजार रुपये लेता था। इसमें आधे रुपये वह रख लेता था। पुलिस को उसके मोबाइल से कई युवतियाें व ग्राहकों के मोबाइल नंबर मिले हैं। अब पुलिस इन सभी के बारे में जानकारी जुटा रही है।
कई दिन से नजर रख रहे थे मुहल्ले के लोग
नवंबर के अंतिम सप्ताह में ही यहां की गतिविधियों पर मुहल्ले के लोगों को संदेह होना शुरू हो गया था। लेकिन लोगों ने विशेष ध्यान नहीं दिया, लेकिन दिसंबर के दूसरे सप्ताह के बाद यहां सुबह से लेकर देर रात तक पुरुषाें व युवतियों का आना-जाना लगा रहता था। इस मकान में आने वाली किसी युवती का लोग चेहरा नहीं देख पाते थे। आते-जाते समय वह चेहरे को दुपट्टे या मास्क से ढंक लेती थीं।
बड़ी संख्या में लोगों की जुटी थी भीड़
कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना देने का मन भी बनाया, लेकिन किसी विवाद में न फंसने की वजह से वह खामोश रह गए। रविवार दोपहर किसी ने गोपनीय तरीके से पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और फिर पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस जब देह व्यापार में लिप्त सभी को पकड़कर मकान से बाहर निकाल रही थी तो बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी थी।

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