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    Magh Mela 2026 : चतुर्ग्रहीय योग में त्रिवेणी तट पर माघ मेला का शुभारंभ कल, ज्योतिर्विद बोले- मिलेगा पुण्यकारी प्रभाव

    By SHARAD DWIVEDIEdited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 07:30 PM (IST)

    Magh Mela 2026 प्रयागराज में माघ मेला का शुभारंभ कल यानी शनिवार से होगा। चतुर्ग्रहीय योग में शुरू होने वाले मेले में श्रद्धालु संगम तट पर एक माह का कल ...और पढ़ें

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    Magh Mela 2026 प्रयागराज माघ मेला संगम तट पर श्रद्धालुओं का अद्भुत संगम कल से शुरू होगा। जागरण आर्काइव

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Magh Mela 2026 उल्लासित हृदय, आनंदित मन। निर्विकार भाव। भक्ति में रमा राेम-रोम। सुविधा की आस न कोई अपेक्षा। अलौकिक सुख की प्राप्ति को भौतिक मोह-माया से मुक्त होकर गृहस्थों ने तीर्थराज प्रयाग में डेरा जमा लिए हैं। कड़ाके की ठंड का सामना करते हुए गृहस्थ आधी रात के बाद तक आते रहे। त्रिवेणी (संगम) तट पर जप-तप, यज्ञ-अनुष्ठान का माघ मेला शनिवार को पौष पूर्णिमा स्नान पर्व से आरंभ हो जाएगा।

    पुण्यकारी है माघ मेला में चतुर्ग्रहीय योग

    Magh Mela 2026 संत और गृहस्थ गंगा अथवा संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर कल्पवास शुरू करेंगे। संगम की रेती पर माघी पूर्णिमा तक जप-तप चलेगा। वहीं, काफी लोग 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक भजन-पूजन में लीन रहेंगे। चतुर्ग्रहीय योग में माघ मेला का शुभारंभ होना पुण्यकारी माना जा रहा है।

    पहली बार सात सेक्टर में बसा है माघ मेला 

    Magh Mela 2026 माघ मास में संगम तीरे सदियों से कल्पवास की परंपरा चल रही है। गृहस्थ घर-परिवार से दूर होकर सुख-सुविधाओं का त्याग करके माहभर जप-तप करते हैं। जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति। पूर्वजों की तृप्ति व मोक्ष की प्राप्ति की संकल्पना साकार करने को कठिन तप करते हैं। पहली बार सात सेक्टर में माघ मेला बसाया गया है। इसके पहले पांच सेक्टर में मेला बसता था।

    पूर्णमा तिथि कल शाम 4.03 बजे तक : आचार्य देवेंद्र  

    Magh Mela 2026 ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार पूर्णिमा तिथि शुक्रवार की शाम 6.12 बजे लग चुकी है। जो शनिवार की शाम 4.03 बजे तक रहेगी। शनिवार की सुबह 10.03 बजे तक ब्रह्म योग रहेगा। इसके बाद ऐंद्र योग लग जाएगा। धनु राशि में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र के संचरण होने से चतुर्ग्रहीय योग बन रहा है। ग्रहों का यह मिलन अत्यंत पुण्यकारी है। सुबह स्नान के बाद गृहस्थ संतों और तीर्थपुरोहितों के शिविर में आसरा लेकर कल्पवास करेंगे। 

    16 स्नान घाटों का है प्रबंध

    स्नानार्थियों की सुविधा के लिए संगम व गंगा में 16 घाटों पर स्नान का प्रबंध किया गया है। शुक्रवार को घाटों को दुरुस्त किया गया। घाट के किनारे कासा बिछवाकर प्रकाश का प्रबंध किया गया। भीड़ प्रबंधन के दृष्टिगत 42 अस्थायी पार्किंग बनाई गई है। जहां 1.30 लाख वाहन खड़े हो सकेंगे। मेला में सुरक्षा की दृष्टि से 17 थाने व 42 पुलिस चौकी, 20 अग्निशमन स्टेशन, सात अग्निशमन चौकी, 20 अग्निशमन वाच टावर, एख जल पुलिस थाना, एक जल पुलिस कंट्रोल रूम तथा चार जल पुलिस सब कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

    माला क्षेत्र में एआइ युक्त 400 सीसीटीवी कैमरे

    आठ किलोमीटर डीप वाटर बैरिकेडिंग लगाई गई है। मेला में एआइ युक्त कैमरों सहित कुल 400 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से क्राउड मानीटरिंग, क्राउड डेंसिटी एनालिसिस, इंसीडेंट रिपोर्टिंग, स्वच्छता एवं सुरक्षा निगरानी की व्यवस्था की गई है। यातायात एवं भीड़ प्रबंधन के लिए अंतर जनपदीय एवं अंतर राज्यीय कार्ययोजना विकसित की गई है।

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