मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में झोलाछाप पर कार्रवाई, अस्पताल और पैथोलॉजी सील, चार के खिलाफ मुकदमा
कोरोना के मरीज बढ़ने के साथ ही जिले में झोलाछाप ने भी मरीजों से पैसा वसूलना शुरू कर दिया है। ठाकुरद्वारा में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई खलबली मच गई। आयुष अस्पताल और केजीएन पैथोलॉजी को सील कर दिया गया।

मुरादाबाद, जेएनएन। कोरोना के मरीज बढ़ने के साथ ही जिले में झोलाछाप ने भी मरीजों से पैसा वसूलना शुरू कर दिया है। ठाकुरद्वारा में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई खलबली मच गई। आयुष अस्पताल और केजीएन पैथोलॉजी को सील कर दिया गया। इसके साथ ही मरीज भर्ती होने की वजह से दो दिन में सभी को डिस्चार्ज करके सील किया जाएगा। इन चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कोतवाली में तहरीर दे दी गई है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार प्रेमी, ठाकुरद्वारा सीएचसी स्टाफ और पुलिस के साथ अस्पताल चेक करने के लिए पहुंचे। निरीक्षण में आयुष अस्पताल, केजीएन पैथोलॉजी पर सील लगा दी गई। लाइफ लाइन अस्पताल में मरीज भर्ती थे। इन्हें दो दिन का समय देने के साथ ही चिकित्सा अधीक्षक ठाकुरद्वारा को सील लगाने का निर्देश दिया गया। ग्रीन लाइफ हेल्थ केयर का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां से स्टाफ फरार हो गया। इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कोतवाली में तहरीर दे दी गई। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार प्रेमी ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रहीं थी। सीएमओ के निर्देश के बाद टीम ने ठाकुरद्वारा डिलारी का निरीक्षण किया गया। चार झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कांठ रोड पर झोलाछाप कर रहे मरीज भर्ती
कांठ रोड पर आशियाना कालोनी में एमबीबीएस चिकित्सकों की लिस्ट लगाने के बाद झोलाछाप मरीजों का इलाज कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी बोर्ड पढ़ने के बाद अंदर नहीं जाते हैं। यही हाल काजीपुरा के झोलाछाप के साथ भी है। मरीज की गंभीर हालत होने पर उसे वहां से भगा दिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग विशेष तौर पर काजीपुरा, ताजपुर, रामपुर रोड, जामा मस्जिद आदि क्षेत्रों में अभियान चलाकर ऐसे झोलाछाप की दुकानें बंद कराए, नहीं तो मरीजों की जिंदगी खतरे में पड़ती रहेगी।
कोरोना के मरीज बढ़ने की वजह से स्वास्थ्य विभाग संक्रमितों की जांच कराने में जुटा हुआ है। शहर एवं देहात क्षेत्रों में झोलाछाप मरीजों को गुमराह कर रहे हैं। शिकायतें मिलने के बाद ऐसे लोगों पर कार्रवाई कराई जा रही है।डॉ. एमसी गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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