मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। बाल कल्याण समिति ने कर्मभूमि एक्सप्रेस से उतारे गए 20 बच्चों को ट्रेन में साथ चल रहे परिवार वालों को सौंप दिया है। 17 बच्चों के माता-पिता को बुलाया गया है। जबकि एक बच्चा बालिग निकला। इस मामले में बाल कल्याण समिति ने एसपी रेल को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

गुरुवार को लखनऊ की स्वंयसेवी संगठन ने सूचना दी थी कि कर्मभूमि एक्सप्रेस में मानव तस्करी के लिए बच्चों को ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर रेलवे चाइल्ड लाइन, जीआरपी व आरपीएफ ने कर्मभूमि एक्सप्रेस से 38 बच्चे और 44 युवाओं को ट्रेन से उतारा था। जांच करने पर पता चला क‍ि तीन युवक, सात बाल श्रमिकों को बिहार, पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश से पंजाब और चंडीगढ़ ले जाया जा रहा था। रेलवे चाइल्ड लाइन के संयोजक एमएस फारूकी के तहरीर पर तीन युवक के खिलाफ जीआरपी ने मुकदमा दर्ज किया था और तीन युवक को जेल भेज दिया था। जीआरपी ने ट्रेन से उतारे गए 38 बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया था और 41 युवकों को छोड़ दिया था। चाइल्ड लाइन ने शुक्रवार को सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने उपस्थित किया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गुलजार अहमद ने बताया कि बीस बच्चे रिश्तेदार के साथ ट्रेन में सफर करे थे, उसके परिवार वालों को सौंप दिया है। 16 बच्चों के परिवार नहीं थे, उनके परिवार वालों को सूचना भेजकर बुलाया गया है। एक बच्चा बालिग पाया गया है। एसपी रेल को पत्र भेजा है।

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