मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। अवैध वसूली के दौरान मझोला थाना क्षेत्र के गिन्नौर दी माफी गांव में बस और पिकअप में टक्कर हो गई थी। इस घटना में यातायात सिपाही के साथ ही चार लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर टीआई समेत छह आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में तीसरे आरोपित होमगार्ड को जीरो प्वाइंट बाईपास के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस मामले में एक यातायात सिपाही के साथ ही एक होमगार्ड की तलाश में दबिश देने की कार्रवाई कर रही है।

थाना प्रभारी मुकेश शुक्ल ने बताया कि जल्द ही अन्य दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। बीते 28 जून की सुबह करीब सवा छह बजे मझोला थाना क्षेत्र के गिन्नौर दी माफी गांव के पास यातायात विभाग के टीआई ने पंजाब से मजूदरों को लेकर पीलीभीत जा रही एक पिकअप को रोका था। इसी दौरान हाईवे में हिमाचल प्रदेश के बद्दी से बरेली जा रही स्लीपर बस ने पीछे से टक्कर मार दी थी। इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं 19 लोग घायल हुए थे। घटना के बाद यातायात विभाग के टीआई धर्मेद्र सिंह राठौर को पुलिस ने मैनाठेर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की थी। वहीं इस घटना में घायल यातायात विभाग के सिपाही अनिल का इलाज पुलिस की निगरानी में निजी अस्पताल में चल रहा है। जबकि सिपाही नरेंद्र यादव, होमगार्ड राेहित कुमार के साथ ही ज‍ितेंद्र गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग गए थे। मझोला थाना पुलिस ने आरोपित होमगार्ड ज‍ितेंद्र कुमार निवासी बिसौली थाना मैनाठेर को हाईवे में जीरो प्वाइंट के पास से गिरफ्तार कर लिया। उप निरीक्षण संजय कुमार ने बताया कि इस मामले में दो आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

होमगार्ड बोला-टीआई साहब के आदेश पर रोकता था गाड़ी : आरोपित होमगार्ड गिरफ्तारी से बचने के लिए छुपते हुए घूम रहा था। वह जनपद से बाहर जाने के लिए निकला था। आरोपित होमगार्ड ज‍ितेंद्र घटना वाले दिन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सुबह करीब चार बजे टीआई साहब का फोन आया था, जिसके बाद वह इंटरसेप्टर कार में बैठकर हाईवे पर चेकिंग करने के लिए पहुंच गए थे। साहब के आदेश पर गाड़ियों को रोककर कागज मांगे जाते थे। वाहन के चालक को कागजों के साथ साहब के पास बात करने के लिए भेज दिया जाता था। इसके बाद होमगार्ड दूसरी गाड़ियों को रोकने के लिए जुट जाता था। होमगार्ड ने बताया कि अक्सर दूसरे राज्यों की गाड़ियों को रोकने के साथ ही उन गाड़ियों को रोका जाता था, जो नियम विपरीत सवारियां का माल-भाड़ा ढोने का काम करती थी। हालांकि वसूली के संबंध में जब होमगार्ड से सवाल किया गया, तो वह चुप्पी साध गया। होमगार्ड जितेन्द्र कुमार बोला लेन-देन के संबंध में उसे कोई जानकारी नहीं है। जो भी बात होती थी,वह साहब गाड़ी के अंदर बैठकर करते थे।

पुराने कप्तान साहब के जाते ही शुरू किया था वसूली का खेल : आरोपित होमगार्ड ने बताया कि हाईवे पर चेकिंग का काम बहुत दिनों से नहीं चल रहा था। उसने बताया कि पुराने कप्तान साहब के जाने के बाद से हाईवे पर सुबह चेकिंग का काम शुरू किया गया था। इससे पहले वह हाईवे पर चेकिंग करने के लिए नहीं जाते थे। गौरतलब है कि पूर्व में कोरोना महामारी के चलते टीआई लंबे समय तक अवकाश पर भी था। होमगार्ड के मुताबिक बीते आठ से दस दिनों के बीच ही हाईवे पर वाहन चेकिंग के लिए इंटरसेप्टर पहुंचती थी।

बस मालिक की पुलिस को मिली जानकारी : मझोला थाना पुलिस को टक्कर मारने वाली स्लीपर बस के संबंध में जानकारी मिल गई है। उप निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि बस लखीमपुर खीरी जनपद के थाना गोला कस्बा लालपुर निवासी सुधीर अवाना की है। विवेचक ने बताया कि बस मालिक को फोन किया गया था, लेकिन उन्होंने चालक-परिचालक की जानकारी देने के लिए समय मांगा है। विवेचक का कहना है कि अगर चालक-परिचालक की जानकारी नहीं मिलती तो बस चालक को नोटिस जारी करने के साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।

 

Edited By: Narendra Kumar

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