रूस से भगवान की भक्ति को आए रशियन दंपती ने खड़ी कर दी अवैध इमारत, सौ रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट कर बेचे फ्लैट
Mathura News रूस से भगवान की भक्ति को आए एक दंपती ने वृंदावन में अवैध रूप से सात मंजिला इमारत खड़ी कर दी। उन्होंने केवल तीन मंजिल का नक्शा पास कराया था और 163 फ्लैट बेच दिए। इस मामले में जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरण की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कोर्ट ने इमारत को कुर्क करने का आदेश दिया है।

संवाद सहयोगी, जागरण, वृंदावन। रूस से भगवान की भक्ति को वृंदावन आए दंपती बड़े भू माफिया बन गए। रसियन बिल्डिंग के नाम से सात मंजिला अपार्टमेंट बना दिया, इसका नक्शा केवल तीन मंजिल ही पास कराया गया था। इस्कान भक्तों को बाद में यहां फ्लैट केवल सौ रुपये के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट करके लाखों रुपये ले लिए और 163 फ्लैट बेच दिए।
यह सब होता रहा और जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरण गहरी नींद सोता रहा। स्टांप पर फ्लैट बेचने से सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। जब शिकायत हुई तो अधिकारी भी जागे और इमारत में सील लगा दी। कोर्ट ने भी प्रशासन के इस निर्णय पर अपनी मुहर लगाई और कुर्क करने का आदेश भी बरकरार रखा।
टूरिस्ट वीजा पर आए थे भारत
वर्ष 2008 के आसपास रूस से नतालिया क्रिवोनोसोवा उर्फ निष्ठा रानी देवी दासी और उनका पति यारोस्लोव रोमानेव उर्फ श्यामसुंदर चरण दास वृंदावन कृष्ण भक्ति को टूरिस्ट वीजा पर आए थे। वर्ष 2012 में दंपती ने अपने साथी नवीनकृष्ण दास के नाम पर भूमि खरीदी और 2016 में वृंदावन धाम अपार्टमेंट बनाया। तीन मंजिल तक का नक्शा पास कराया और सात मंजिला बिल्डिंग बना दी।
अपार्टमेंट हैं करीब दो सौ फ्लैट
अपार्टमेंट में करीब दो सौ फ्लैट बताए जा रहे हैं। नवीनकृष्ण दास और रूसी दंपती ने केवल 100 रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट कर विदेशी नागरिकों से 40 से 60 लाख रुपये लेकर उनके नाम फ्लैट आवंटित कर दिए। बाद में जब यहां रह रहे विदेशी श्रद्धालुओं को पता चला कि वह बिना रजिस्ट्री के फ्लैट के स्वामी नहीं बन सकते। इस पर कुछ लोगों ने वर्ष 2018 में विकास प्राधिकरण में शिकायत की। विप्रा ने उस दौरान नोटिस दिए, लेकिन फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
इसलिए कहा जाने लगा रसियन बिल्डिंग
इस अपार्टमेंट में ज्यादातर विदेशी नागरिक रहने के कारण इसे रसियन बिल्डिंग कहा जाने लगा। अपार्टमेंट में सितंबर 2020 में आग लग गई। किसी तरह दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। जांच में पता चला नियमों को ताक पर रखकर अपार्टमेंट बना। इस पर तत्कालीन अग्नि शमन अधिकारी संजय जायसवाल ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। तब प्राधिकरण के अधिकारियों की नींद टूटी। तब कुछ फ्लैट को सील कर दिया गया, लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस से अभद्रता, तब प्रशासन ने तरेरी आंखें
रसियन दंपती का टूरिस्ट वीजा खत्म होने के बाद पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी दो अप्रैल 2022 को रसियन दंपती के पास पहुंचे, तो दोनों ने पुलिस पर ही हमला बोल दिया। तब प्रशासन ने दोनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की और जेल भेज दिया। इनके विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने बिल्डिंग सील करने का आदेश दिया।
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दिए गए थे कुर्क करने के आदेश
30 जून 2023 को तत्कालीन डीएम पुलकित खरे ने बिल्डिंग को कुर्क करने के आदेश दिए। वर्तमान में जेल से जमानत पर बाहर आए दंपती ने एडीजे पंचम गैंगस्टर कोर्ट डा.पल्लवी अग्रवाल की अदालत में डीएम के आदेश को चुनौती दी। लेकिन न्यायालय ने डीएम के आदेश को बरकरार रखा। कुर्क की गई संपत्ति की कीमत करीब 29 करोड़ रुपये है।
पांच दिन में पास हुआ नक्शा
रूसी दंपती सहयोगी नवीन कृष्ण दास के नाम से 16 अगस्त 2012 को तीन रजिस्ट्री करवाईं। इसके ठीक पांच दिन बाद विकास प्राधिकरण से मानचित्र भी पास हो गया। विप्रा के स्वीकृत नक्शे में बेसमेंट के अलावा तीन मंजिल निर्माण की स्वीकृति दी गई थी।
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