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    24 घंटे से अधिक समय से लखनऊ के थाने में पड़ा है कंकाल

    By amal chowdhuryEdited By:
    Updated: Tue, 19 Sep 2017 10:02 AM (IST)

    भारती के मुताबिक चार सितंबर की सुबह दस बजे अजय अपनी कार लेकर काम पर निकले और उसके बाद से गायब हो गए। ...और पढ़ें

    24 घंटे से अधिक समय से लखनऊ के थाने में पड़ा है कंकाल

    लखनऊ (जागरण संवाददाता)। मवैया निवासी टैक्सी ड्राइवर अजय कुमार उर्फ लल्लू (30) का कंकाल मिलने के बाद सीतापुर और लखनऊ पुलिस की संवेदनहीनता सामने आई है। पोस्टमॉर्टम हुए 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, पर सरोजनी नगर पुलिस कंकाल लेने के लिए अभी सीतापुर रवाना ही नहीं हुई। संदना थाने की पुलिस ने भी कंकाल को लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला पहुंचाना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में कंकाल संदना थाने के मालखाने में पड़ा है।

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    एएसपी पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्र के मुताबिक अजय का शव कंकाल में तब्दील हो गया, जिससे पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। उसे घरवालों के सिपुर्द न करके महानगर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जिससे डीएनए समेत अन्य जांचें हो सकें।

    जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कंकाल घरवालों को सौंपा जाएगा। इंस्पेक्टर सरोजनीनगर डीके शाही के मुताबिक पुलिस टीम को सोमवार सुबह ही रवाना कर दिया गया था। उधर शाम सात बजे के करीब एसओ संदना सूर्यप्रकाश शुक्ला ने बताया कि लखनऊ से पुलिस टीम नहीं आई। इससे डीके शाही का झूठ भी उजागर हुआ।

    गौरतलब है कि मूल रूप से गोंडा के उमरी बेगम गांव निवासी भगवती प्रसाद के बेटे अजय कुमार की 14 महीने पहले मवैया निवासी भारती से शादी हुई थी। शादी के बाद से अजय ससुराल में रहने लगा। भारती के मुताबिक चार सितंबर की सुबह दस बजे अजय अपनी कार लेकर काम पर निकले। इसके बाद पत्नी को फोन कर बताया कि एयरपोर्ट से बुकिंग लेकर जा रहे हैं।

    इसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। सरोजनी नगर पुलिस एक बदमाश की निशानदेही पर शनिवार रात संदना पहुंची। यहां संदना पुलिस की मदद से केशवामऊ गांव में गन्ने के खेत से लापता ड्राइवर का कंकाल बरामद किया गया।

    24 घंटे से कर रहे इंतजार: घटना के बाद से अजय के मवैया स्थित ससुराल व मोहल्ले में मातम छाया है। पत्नी व अन्य परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद उनके घर चूल्हा तक नहीं जला। वह 24 घंटे से कंकाल मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे अंतिम संस्कार कर सकें।

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    गाड़ी करो तब चलेंगे कंकाल लेने: टैक्सी ड्राइवर के परिवारिक मित्र दीपक ने बताया कि सरोजनी नगर पुलिस से संपर्क करने पर पता चला कि केस की विवेचना फिर आलमबाग कोतवाली के दारोगा आरपी द्विवेदी को सौंप दी गई है। अब वही कंकाल को लेने जाएंगे। दीपक ने अजय के घरवालों के साथ दारोगा से संपर्क किया। जिस पर दारोगा ने बताया कि दो कारें करिए। एक में पुलिस चलेगी और दूसरे में अजय का परिवार। इस संबंध में एएसपी पूर्वी सर्वेश मिश्र ने बताया कि विवेचना फिर स्थानांतरित हो गई है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं।

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