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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चंदौली में ब्लू व्हेल गेम का शिकार होने से बचा युवक

By amal chowdhuryEdited By:
Published: Tue, 19 Sep 2017 09:34 AM (IST)Updated: Tue, 19 Sep 2017 11:09 AM (IST)

अभिषेक ने बताया कि टास्क पूरा करने के दौरान उसे कोई होश नहीं रहता, उसकी मां ने बताया कि जानकारी होने पर उस पर ध्यान दिया जा रहा है।

चंदौली में ब्लू व्हेल गेम का शिकार होने से बचा युवक
चंदौली में ब्लू व्हेल गेम का शिकार होने से बचा युवक

चंदौली (जागरण संवाददाता)। सूजाबाद गांव का एक युवक जानलेवा ब्लू व्हेल गेम का शिकार होने से बाल-बाल बचा। उसके हाथ पर मछली के आकार का एक चीरा देख परिजन हतप्रभ रह गए। परिजन आनन-फानन युवक से मोबाइल छीनने के साथ उस पर नजर रखने लगे। कई लोग उसे समझाने में भी जुट गए। युवक ने भी स्वीकार किया कि वह ब्लू व्हेल गेम खेल रहा था।

युवक ने बताया कि उसके मोबाइल फोन पर एक अंजान कॉल आती है और उस पर जैसे-जैसे निर्देश मिलते हैं वह उसी अनुरूप टास्क आगे बढ़ाता था। सूजाबाद निवासी चिरंजीवी लाल का पुत्र अभिषेक कुमार (23 वर्ष) काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक, कटरिया में फील्ड वर्कर है। लगभग एक माह पूर्व वह अपने एक दोस्त के जन्मदिन पर आइपी माल वाराणसी गया था। वहां दोस्तों ने बताया कि इस समय ब्लू व्हेल गेम कोई नहीं खेल पा रहा है। यह सुन उसके मन में इस गेम को खेलने का विचार आया।

उसने गेम डाउनलोड किया और बीते नौ सितंबर से खेलना शुरू किया। उसका कहना था कि जब उसने गेम डाउनलोड कर इयरफोन लगाया तब एक आवाज आई। बताया गया कि सुबह उठकर लगभग 2.30 बजे छत की बाउंड्री पर बैठना है। उसके बाद जैसा जैसा मोबाइल पर कहा जाए करते जाना है। अक्सर रात 12 से सुबह चार बजे के बीच एक अंजान नंबर से कॉल आती थी। उस पर कहा जाता जो टास्क दिया गया है उसे पूरा करें।

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प्रतिदिन एक टास्क मिलता था। रविवार की रात भी कुछ ऐसा ही चल रहा था। रात तीन बजे बहन प्रीति उठी तो देखा अभिषेक के कमरे में लाइट जल रही है। अभिषेक चाकू से अपने हाथ पर कुछ बना रहा था। प्रीति ने तत्काल घरवालों को इसकी जानकारी दी। परिजनों ने फौरन उससे मोबाइल छीना व काफी समझाया।

अभिषेक ने बताया कि टास्क पूरा करने के दौरान उसे कोई होश नहीं रहता। उसकी मां ने बताया कि जानकारी होने पर उस पर ध्यान दिया जा रहा है। कोई उसे अलग नहीं छोड़ रहा है।

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