Kaushambi में शिक्षिकाओं की मनमानी भर भड़कीं आश्रम पद्धति स्कूल की छात्राएं, गेट पर जड़ा ताला, कहा- यहां वे असुरक्षित हैं
कौशांबी के भरसवां स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय की छात्राएं शिक्षिकाओं की मनमानी के खिलाफ भड़क गईं। उन्होंने स्कूल के गेट पर ताला जड़कर नारेबाजी की आरोप लगाया कि शिक्षिकाएं समय पर नहीं आतीं विज्ञान शिक्षक नहीं हैं। समाज कल्याण अधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन देकर छात्राओं को शांत कराया। छात्राएं विद्यालय में शिक्षिकाओं के रात में न रुकने से असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

संसू जागरण टेवां (कौशांबी)। कौशांबी जिले के भरसवां स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका (आश्रम पद्धति) विद्यालय की छात्राएं अव्यवस्था से आजिज आ चुकी हैं। शनिवार सुबह करीब छह बजे उनका आक्रोश भड़क गया। शिक्षिकाओं की मनमानी खिलाफ स्कूल गेट पर ताला जड़ नारेबाजी करते हुए करीब ढाई घंटे तक हंगामा किया। समाज कल्याण अधिकारी ने मौके पर पहुंच छात्राओं को कार्रवाई का भरोसा दिलाया तब जाकर करीब साढ़े आठ बजे मामला शांत हुआ।
छात्राओं के हंगामे की जानकारी होने पर करीब साढ़े आठ बजे प्रधानाचार्य स्कूल पहुंचीं तो उन्हें भी अंदर जाने से छात्राओं ने रोक दिया। उन्होंने ताला तोड़वाकर स्कूल में प्रवेश किया। छात्राओं का आरोप था कि विद्यालय में न शिक्षिकाएं रहती हैं और न ही प्रधानाचार्य। विद्यालय में देरी से भी आती हैं। विज्ञान विषय के लिए विशेषज्ञ की तैनाती नहीं की गई है।
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जिले में पांच आश्रम पद्धति स्कूल स्कूल संचालित है। इन स्कूलों में कहीं करीब 300 तो कहीं 400 छात्राएं आवासीय रहकर पठन-पाठन कर रही हैं। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी के साथ अन्य विषयों के विशेषज्ञ की तैनाती की गई है।
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बताया जाता है कि जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका (आश्रम पद्धति) विद्यालय भरसवां में मानक से अधिक शिक्षिकाएं तैनात है पर विज्ञान शिक्षक नहीं हैं। छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय में तैनात शिक्षिकाएं न तो समय से स्कूल आती हैं और न की अपने आवास में रुकती हैंं। शनिवार की सुबह शिक्षकाओं के समय से न आने के पर छात्राएं भड़क गई। स्कूल गेट पर ताला बंद करते हुए छात्राओं ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विद्यालय में हंगामे की जानकारी प्रधानाचार्य पुष्पा चौधरी को हुई तो वह स्कूल पहुंचीं तो गेट पर ताला बंद था। इसके बाद वह गेट मैन व सफाई कर्मचारी को बुलाकर ताला तुडवाते हुए स्कूल के अंदर प्रवेश किया। उधर हंगामे की जानकारी समाज कल्याण अधिकारी को हुई तो वह मौके पर पहुंचे और किसी तरह छात्राओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। छात्राओं का कहना था कि विद्यालय में कोई भी शिक्षक या प्रधानाचार्य रात में नहीं रुकते हैं जिससे छात्राएं अपने को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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