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    पेट की सर्जरी में उपयोगी है Endoscopy Techniques, प्रयागराज के SRN अस्पताल में प्रशिक्षण में जुटे कई जिलों के विशेषज्ञ

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 03:02 PM (IST)

    प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में अपर जीआइ एंडोस्कोपी ट्रेनिंग शुरू हुई। एसोसिएशन आफ सर्जन्स आफ इंडिया के दो दिवसीय कार्यक्रम में कई जिलों के सर्जन भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण में एंडोस्कोप के हार्डवेयर की जानकारी लाइव डेमोंस्ट्रेशन और प्रायोगिक प्रशिक्षण शामिल हैं जिससे युवा सर्जनों को लाभ मिलेगा और मरीजों के इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी।

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    SRN अस्पताल में मेडिकल कालेज और ग्रामीण क्षेत्र के CHC से आए सर्जनों को एंडोस्कोपी की नई तकनीक बताते विशेषज्ञ।

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। विज्ञान दिन प्रतिदिन प्रगति कर रहा है। इससे मरीजों को काफी सुविधा उपलब्ध हो रही है। सर्जरी के भी आयाम भी निरंतर अपडेट हो रहे हैं। सर्जरी में एंडोस्कोपी तकनीक मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। इसी तकनीक को लेकर प्रयागराज में कई जिलों के विशेषज्ञ चिकित्सक शनिवार को जुटे हैं।

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    स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (SRN Hospital) के सर्जरी विभाग में शनिवार से एसोसिएशन आफ सर्जन्स आफ इंडिया की ओर से अपर जीआइ एंडोस्कोपी ट्रेनिंग की शुरुआत हुई। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कई जिलों के सर्जन भाग ने प्रतिभाग किया है।

    मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. (डा.) वीके पांडेय, एएसआइ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डा.) प्रोबाल नियोगी, प्रमुख अधीक्षक डा. नीलम सिंह तथा विभागाध्यक्ष सर्जरी प्रो. (डा.) वैभव श्रीवास्तव मौजूद रहे। पूर्व विभागाध्यक्ष (सर्जरी) डा. शबी अहमद, ईएनटी विभागाध्यक्ष डा. सचिन जैन, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डा. राजीव गौतम तथा आपरेशन थियेटर प्रभारी प्रमिला राय भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

    प्रो. (डा.) प्रोबाल नियोगी ने कहा कि सर्जरी में एंडोस्कोपी तकनीक मरीजों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध हो रही है। प्रयागराज में इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होना न केवल स्थानीय चिकित्सकों बल्कि अन्य जिलों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात युवा सर्जन के लिए लाभकारी होगा।

    प्रो. (डा.) वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि प्रयागराज में सर्जन के एक बड़े समूह को एंडोस्कोपी की बारिकियां सिखाई जा रही हैं इससे मरीजों के इलाज की गुणवत्ता और भी बेहतर होगी।

    चेन्नई से आए मुख्य प्रशिक्षक डा. एम. कनगवेल ने अपर जीआइ एंडोस्कोपी पर चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया। एंडोस्कोप के हार्डवेयर की जानकारी दी और प्रतिभागियों को लाइव डेमांस्ट्रेशन एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण कराया। अटलस ऑफ अपर जीआइ एंडोस्कोपी-  बेनाइन, क्लीनिंग, डिसइन्फेक्शन और स्टरलाइजेशन (ओलंपस टीम), एंडोस्कोपिक एक्सेसरीज, सेडेशन एवं एनेस्थीसिया और अपर जीआइ ब्लीडिंग मैनेजमेंट जैसे सत्र आयोजित किए गए। पहले दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन एंडोस्कोपी में संभावित जटिलताओं पर चर्चा और विशेषज्ञों की राय साझा करने वाले सत्र के साथ हुआ।

    कल रविवार को टिश्यू हैंड्स आन ट्रेनिंग होगी

    रविवार को प्रतिभागियों के लिए टिश्यू हैंड्स-आन ट्रेनिंग और इंटरएक्टिव ओपन हाउस सेशन का आयोजन होगा, जिसमें सभी सर्जन अपने अनुभव साझा करेंगे। इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियों में विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर और चिकित्सक सक्रिय रूप से जुटे रहे, जिनमें प्रो. डा. संजय सिंह, डा. मयंक सिंह, डा. राजकुमार, डा. विशाल केवलानी और डा. तरुण का योगदान उल्लेखनीय रहा।

    प्रशिक्षण से सर्जरी की समझ गहरी होगी

    जूनियर डा. योगेश ने कहा कि हमें इस तरह के हैंड्स-आन ट्रेनिंग प्रोग्राम से बेहद लाभ मिलेगा। इससे हमारी सर्जरी की समझ गहरी होगी और मरीजों के लिए नई तकनीकें सीखने का अवसर मिलेगा। प्रयागराज में ऐसे आयोजन होना हमारे लिए सौभाग्य है।