AI के जमाने में पुलिस का अंधविश्वासी चेहरा, क्राइम ग्राफ घटाने के लिए करती है टोटका
कानपुर पुलिस अपराध के आंकड़ों को कम करने के लिए अंधविश्वास का सहारा लेती है। नववर्ष की शुरुआत में 'गुडवर्क' के मुकदमे दर्ज कर पुलिस मानती है कि इससे स ...और पढ़ें

नववर्ष के पहले दिन गुडवर्क का मुकदमा दर्ज करने की चली आ रही है परंपरा। प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, कानपुर। 21 वीं सदी की हाईटेक पुलिस भी शायद अंधविश्वासी है इसीलिए अपराध के आंकड़ों को घटाने के लिए टोटका करने से नहीं चूकती है। नववर्ष की शुरुआत गुडवर्क से करने के लिए सभी हथकंडे अपनाती है। इस दौरान कई ऐसे मुकदमों को नजरंदाज कर देती हैं जिन्हें दर्ज करना बेहद अनिवार्य होता है। पुलिस का ऐसा मानना है कि अगर साल की शुरुआत बेहतर होगी तो आगे के दिन भी अच्छे ही होंगे। बीते सालों की तरह इस साल भी पुलिस ने कुछ ऐसा ही किया।
इस साल पुलिस ने अलग-अलग थानों में साल का पहला मुकदमा गुडवर्क में दर्ज करते हुए इसकी शुरुआत की। साल के पहले दिन कोहना थाना पुलिस ने बुधवार देर रात चेकिंग के दौरान आर्यनगर स्थित स्ट्रीट नाइट रेस्टोरेंट में प्रतिबंधित हुक्का बार पकड़ा। पुलिस ने तुषार कुमार, समीर कुमार और बंश गौतम के खिलाफ कार्रवाई की।
आर्यनगर स्थित ड्रामा रेस्टोरेंट में भी हुक्का बार पकड़ा। रायपुरवा पुलिस ने छह जुआरियों को गिरफ्तार कर 1110 रुपये, सचेंडी पुलिस ने अवैध रूप से शराब बेचने में पंचमापुरवा के विनय प्रताप सिंह, धनराज सिंह, लाटा गांव के जयसिंह को अवैध शराब बेचते हुए गिरफ्तार किया। रेलबाजार पुलिस ने तमंचे के साथ नौबस्ता मछरिया सैनिक पार्क निवासी सीबू उर्फ रियाज को गिरफ्तार किया। अगर साल के आंकड़ों पर गौर करें तो पहली जनवरी को सबसे ज्यादा आबकारी अधिनियम के मुकदमे ही दर्ज होते हैं।
साल की शुरुआत में सभी थानों में गुडवर्क के मुकदमे लिखे जाते हैं। ये अंधविश्वास है कि अगर साल के पहले दिन गुडवर्क का मुकदमा लिखा जाता है तो साल के अन्य दिन भी कानून व्यवस्था के लिए बेहतर होंगे। - आशुतोष कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था
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