Lamborghini Case से सुर्खियों में बंशीधर टोबैको ग्रुप, जानिए केके और शिवम मिश्रा के बारे में
Lamborghini Case: कानपुर में लैंबार्गिनी रिवाल्ट हादसे के बाद बंशीधर टोबैको ग्रुप चर्चा में है। ग्रुप के मालिक केके मिश्रा ...और पढ़ें
HighLights
कानपुर के आर्यनगर व दिल्ली के वसंत विहार में भी घर
शिवराजपुर के काकूपुर रब्बन के हैं मूल निवासी
90 साल पहले शुरुआत किया था कारोबार का
उप्र के अलावा दिल्ली, गुजरात समेत देश भर में कारोबार
जागरण संवाददाता, कानपुर। lamborghini case: कानपुर में लैंबार्गिनी रिवाल्ट विवाद के बाद बंशीधर टोबैको ग्रुप सुर्खियों में आ गया है। इस ग्रुप के मालिक केके मिश्रा के बेटे और ग्रुप के निदेशक शिवम मिश्रा हादसे के वक्त लैंबार्गिनी रिवाल्ट चला रहे थे। केके मिश्रा उत्तर भारत के बड़े तंबाकू कारोबारियों में गिने जाते हैं।
केके मिश्रा का कारोबार दिल्ली, गुजरात समेत कई राज्यों तक फैला है। कंपनी के निदेशक शिवम मिश्रा भी लग्जरी लाइफस्टाइल को लेकर चर्चा में रहते हैं। करोड़ों रुपये की सुपरकारें, महंगी लग्जरी SUV और हीरे की घड़ियों का शौक उनकी पहचान बन चुका है। हादसे के बाद अब उनका कारोबारी और पारिवारिक प्रोफाइल चर्चा के केंद्र में है।

शिवराजपुर के काकूपुर रबन स्थित तंबाकू कारोबारी केके मिश्र का पैतृक आवास। जागरण
दिल्ली में भी घर
बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक केके मिश्रा का घर आर्यनगर, शिवराजपुर व दिल्ली के वसंत विहार में भी है। वह शिवराजपुर के काकूपुर रब्बन के मूल निवासी हैं। उनका समूह भारत के प्रमुख तंबाकू आपूर्तिकर्ताओं में से एक है, जो मुख्य रूप से कानपुर में स्थित है।
मुन्ना मिश्रा के नाम से प्रसिद्ध ग्रुप के मालिक केके मिश्रा
समूह की स्थापना लगभग 90 साल पहले हुई थी। इसके वर्तमान प्रमुख केके मिश्रा (कृष्णा कुमार मिश्रा) हैं, जिन्हें उद्योग जगत में 'मुन्ना मिश्रा' के नाम से भी जाना जाता है। वह रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े हुए हैं।
बेटा कंपनी का निदेशक
बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा भी कंपनी में निदेशक हैं। कंपनी मुख्य रूप से कच्चे व प्राकृतिक तंबाकू के निर्माण और आपूर्ति का काम करती है। भारत की कई बड़ी गुटखा व पान मसाला कंपनियों को कच्चा माल (तंबाकू) सप्लाई करती है। उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, मुंबई, गुजरात व आंध्र प्रदेश समेत देश भर में इनका कारोबार है। प्रापर्टी के काम से भी जुड़े हैं।
आयकर विभाग के छापे में सच आया था सामने
मार्च 2024 में आयकर विभाग ने इस समूह के 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच में पता चला था कि कंपनी का असली टर्नओवर 100-150 करोड़ रुपये के आसपास था, जबकि कागजों में इससे बहुत कम आंकड़ा दिखाया जा रहा था।
शिवम लग्जरी लाइफ का शौकीन
कारोबारी का बेटा शिवम लग्जरी कारों, डायमंड व घड़ियों का शौकीन है। उसके पास 50 करोड़ रुपये की गाड़ियां हैं, जिनमें लैंबार्गिनी के साथ ही राल्स रायस, मैकलारेन समेत दूसरी कई गाड़ियां हैं। ये बात 2024 में समूह पर पड़े आयकर छापे के दौरान सामने आ चुकी है।
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