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जानें आखिर कौन चला था लैंबॉर्गिनी रिवाल्ट, पुलिस की जांच में बदली पूरी कहानी, पिता ने शिवम को बताया बीमार

Published: Tue, 10 Feb 2026 07:41 PM (IST)

Kanpur Lamborghini Revuelto case: कानपुर लैंबोर्गिनी हादसे में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिवम मिश्रा ही गाड़ी चला रहे ...और पढ़ें

डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव, शिवम, पिता और बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक केके मिश्रा। जागरण

डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव, शिवम, पिता और बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक केके मिश्रा। जागरण

HighLights

  1. पुलिस ने पुष्टि की, शिवम मिश्रा ही चला रहे थे लैंबोर्गिनी

  2. पिता ने दावा किया, ड्राइवर चला रहा था, शिवम बीमार है

  3. सीसीटीवी फुटेज और गवाहों ने शिवम को ड्राइवर बताया

जागरण संवाददाता, कानपुर। Kanpur Lamborghini Revuelto case: कानपुर लैंबोर्गिनी केस में दो दिन बाद भी पुलिस अब तक किसी को पकड़ नहीं पाई है। लेकिन पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि आखिर लैंबॉर्गिनी रिवाल्ट कौन चला रहा था। इधर, पिता ने बताया कि शिवम तो दिल्ली में है और वह बीमार है।

कानपुर में हुए हाई-प्रोफाइल लैंबार्गिनी हादसे की जांच मंगलवार को विवादों में घिर गई। शिवम मिश्रा के पिता तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा और वकील ने दावा किया कि हादसे के वक्त शिवम कार नहीं चला रहे थे। हालांकि पुलिस ने साफ कहा है कि सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य सबूतों से यह साबित होता है कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहे थे।

वकील ने किया ये दावा

शिवम के पिता और बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक केके मिश्रा ने भी ग्वालटोली थाने के बाहर मीडिया से कहा कि हादसे के समय उनका बेटा कार में सो रहा था और ड्राइवर मोहन गाड़ी चला रहा था। प्रेट्र के अनुसार शिवम के वकील मृत्तुंजय कुमार ने भी यही दावा दोहराते हुए कहा कि इसे आपराधिक मामला नहीं बल्कि दुर्घटना माना जाना चाहिए।

शिवम मिर्गी से पीड़ित, दिल्ली में भर्ती

केके मिश्रा ने ओवरस्पीडिंग और नशे की बात को भी सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके परिवार में कोई शराब नहीं पीता। उन्होंने यह भी बताया कि शिवम मिर्गी (एपिलेप्सी) से पीड़ित है और फिलहाल दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने जांच में सहयोग का भरोसा दिया।

पुलिस कमिश्नर ने बताया पूरा सच

वहीं, कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि जांच के बाद साफ तौर पर पता चल रहा है कि शिवम मिश्रा ही गाड़ी चला रहा था। उन्होंने कहा कि एफआईआर में शुरुआती तौर पर कुछ जानकारियां अधूरी हो सकती हैं, लेकिन जांच के दौरान सच्चाई सामने आ गई है।

डीसीपी सेंट्रल ने जांच प्रभावित नहीं होगी

डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने भी कहा कि घटनास्थल के वीडियो में जिस व्यक्ति को ड्राइवर सीट से बाहर निकाला गया, उसकी पहचान शिवम मिश्रा के रूप में हुई है। वकील के बयान जांच को प्रभावित नहीं करेंगे। शिवम मिश्रा के पिता थाने पर उपस्थित हुए थे। उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया है तथा मीडिया के समक्ष भी अपना पक्ष रखा है। पुलिस विवेचना में यह तथ्य स्पष्ट रूप से प्रकाश में आया है कि दुर्घटना के समय वाहन शिवम मिश्रा ही चला रहा था। उक्त तथ्यों के आधार पर प्रकरण में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। उनके पिता द्वारा बताया गया है कि शिवम मिश्रा दिल्ली के किसी अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस द्वारा विधिक अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

जब्त कर ली गई है कार

पुलिस के अनुसार, नोटिस देने शिवम के आर्यनगर स्थित आवास पर टीम गई थी, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। पहले एफआईआर में अज्ञात चालक का जिक्र था, जिसे बाद में शिवम मिश्रा के नाम से अपडेट किया गया। लैंबार्गिनी कार को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि सुरक्षा में लगे लोगों ने कार की पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट को नुकसान पहुंचाने की कोशिश भी की।

रविवार को हुआ था हादसा

यह हादसा रविवार दोपहर करीब तीन बजे कानपुर के वीआईपी रोड स्थित ग्वालटोली इलाके में हुआ था। करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली लैंबार्गिनी रेवुएल्टो कार हादसे में शामिल थी। मामले के बाद ग्वालटोली थाने के एसएचओ संतोष गौर को पद से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया।

शिवम के पिता बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक केके मिश्रा का बयान-

पुलिस गलत बोल रही है। ओवर स्पीड नहीं थी। हमारे यहां कोई शराब नहीं पीता है। कार कौन चला रहा था ये मुझे नहीं पता। मैं वहां पर नहीं था। कार में कुछ खराबी थी। शनिवार को बाहर से मिस्त्री ने आकर ठीक किया था। रविवार को शिवम और ड्राइवर दोनों गाड़ी के ट्रायल के लिए सिविल लाइंस लेकर गए थे। वहां से लौटते समय हादसे से पहले शिवम की तबियत बिगड़ी। उसे झपकी आने लगी तो ड्राइवर ने एक हाथ से उसे संभालने की कोशिश की। गाड़ी स्लो हुई तो पीछे से टैंपो वाले ने टक्कर मार दी। इससे गाड़ी बाइक से टकरा गई। इसके बाद कार का शीशा दरवाजा लाक हो गया। पीछे आ रहे सिक्योरिटी गार्ड ने चालक को परेशान होता देख शिवम को बाहर निकाला।

इधर, ड्राइवर को सरेंडर के लिए दिया आवेदन

एसीजेएम 7 की कोर्ट में लैंबार्गिनी कार से एक व्यक्ति के घायल होने के मामले में दो प्रार्थनापत्र दिए गए हैं। चालक ने न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने और कार मालिक ने कार रिलीज (निर्मुक्त) करने की अर्जी दी है। कोर्ट ने दोनों प्रार्थनापत्रों पर पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। बुधवार को सुनवाई होगी।

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