कृषि विभाग के पोर्टल पर 'जिंदा' हैं गाजियाबाद के 800 मृत किसान, स्वजन नहीं जमा कर रहे डेथ सर्टिफिकेट
गाजियाबाद में कृषि विभाग के पोर्टल पर लगभग 800 मृत किसान अभी भी 'जीवित' दिखाए जा रहे हैं। इन किसानों के परिवार वाले मृत्यु प्रमाण पत्र जमा नहीं कर रहे ...और पढ़ें

कृषि विभाग के पोर्टल पर जिंदा हैं 800 मृत किसान। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, ग़ाज़ियाबाद। जिले की तीनों तहसील में लगभग 800 किसान ऐसे हैं, जो कि मर चुके हैं लेकिन हकीकत में कृषि विभाग के पोर्टल पर ये किसान अभी जिंदा हैं। इनका नाम पोर्टल से हटाने की शर्त यह है कि किसानों का मृत्यु प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपडेट करना होगा लेकिन किसानों के परिवार वाले कृषि विभाग के अधिकारियों को मृत्य प्रमाण पत्र की प्रति नही दे रहे हैं।
जिले में सदर, लोनी और मोदीनगर तीन तहसील हैं। इन तीनों तहसील में 63 हजार से अधिक किसान हैं, सबसे ज्यादा किसान मोदीनगर तहसील क्षेत्र में और सबसे कम किसान लोनी तहसील क्षेत्र में हैं। इनमें से पात्र 45 हजार से अधिक किसानों को केंद्र सरकार द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि प्रतिमाह दो हजार रुपये दी जाती है।
यह भी पढ़ें- मोबाइल से खुला रिटायर्ड अफसर की हत्या का राज, कॉन्स्टेबल ने खून से क्यों रंगे हाथ? कातिल ने पहले भी किए 8 मर्डर
पूर्व में मृतकों और अपात्र किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि देने का प्रकरण सामने आ चुका है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने किसानों का सत्यापन किया और अपात्रों को पीएम किसान सम्मान निधि जारी करने पर रोक लगा दी गयी । इनमें लगभग 800 किसान ऐसे मिले, जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं जमा कराना वजह
उप कृषि निदेशक राम जतन मिश्र ने बताया कि मृतक किसानों का नाम पोर्टल से हटाना तभी संभव है, जब उनके मृत्यु प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएं, लेकिन इक्का - दुक्का को छोड़कर ज्यादातर किसानों के स्वजन ने किसान की मृत्यु होने के बाद मृत्य प्रमाण पत्र जमा नही किया है, यही वजह है कि पोर्टल से मृतक किसानों का नाम नही हटाया गया है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।