मोबाइल से खुला रिटायर्ड अफसर की हत्या का राज, कॉन्स्टेबल ने खून से क्यों रंगे हाथ? कातिल ने पहले भी किए 8 मर्डर
गाजियाबाद पुलिस ने लोनी में सेवानिवृत्त एयरफोर्स अधिकारी योगेश की हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है। उनके बेटों ने 5 लाख रुपये की सुपारी देकर पड़ोसी अर ...और पढ़ें

गाजियाबाद में रिटायर्ड अफसर की हत्या के मामले में आरोपी गिरफ्तार। जागरण
जागरण संवाददाता, लोनी (गाजियाबाद)। गाजियाबाद पुलिस ने एयरफोर्स के सेवानिवृत अफसर योगेश की हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है। लोनी थाना क्षेत्र में 26 दिसंबर को योगेश की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। हत्या उसके बेटों ने ही सुपारी देकर कराई थी। वहीं, वारदात को अंजाम देने में एक सिपाही भी शामिल था। आइए बताते हैं कि आखिर इस हत्याकांड का खुलासा कैसे हुआ?
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि मामले में अशोक विहार लोनी निवासी अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया गया है। अरविंद मूलरूप से बुलंदशहर के औरंगाबाद के गांव बरारी का रहने वाला है और लोनी में खलचूरी की दुकान चलाता है।
पुलिस पूछताछ में अरविंद ने बताया कि योगेश से उसके परिजन परेशान थे और वह शराब पीकर उसके साथ भी गाली-गलौज करते थे। अरविंद ने बताया कि वह गली में कुत्तों को खाना खिलाता था तो योगेश उसका भी विरोध करते थे और इस कारण से वह उनसे रंजिश मानता था। लेकिन जब योगेश के बेटों नितीश व गुड्डू ने उससे अपनी परेशानी जाहिर की तो वह योगेश की हत्या के लिए तैयार हो गया। योगेश की हत्या के लिए उसने पांच लाख रुपये की सुपारी तय की। बेटों ने हत्या के बाद पिता योगेश के बैंक खाते से पैसे निकालकर सुपारी की रकम देना तय किया था।

मृतक के मोबाइल फोन से खुला राज
एसीपी ने बताया कि योगेश कुमार पांच माह पूर्व एयरफोर्स से वारंट अफसर के पद से सेवानिवृत हुए थे। 26 दिसंबर को बाइक सवार दो बदमाशों द्वारा घर के पास ही उनकी दो गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में बड़े बेटे नितीश कुमार ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच की तो योगेश के अवैध संबंधों के बारे में जानकारी हुई।
वहीं, मोबाइल की जांच से पता चला कि योगेश के कई महिलाओं से अवैध संबंध थे। इसके साथ ही जानकारी मिली कि योगेश घरवालों को खर्च के लिए पैसे भी नहीं देते थे और वह मकान बेचने की फिराक में थे। इसके लिए वह दोनों बेटों और पत्नी पर घर खाली करने का दबाव बना रहे थे। पिता की अय्याशी और मकान बेचने से परेशान होकर दोनों बेटों नितीश व गुड्डू ने अपने पड़ोसी अरविंद के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची।
छुट्टी पर लोनी आए सिपाही को किया हत्याकांड में शामिल
एसीपी लोनी ने बताया कि अरविंद का जीजा नवीन यूपी पुलिस का सिपाही है और वर्तमान में उसकी तैनाती कौशांबी जिले के पुलिस मीडिया सेल में चल रही है। वह मूलरूप से अलीगढ़ के चंडौस के गांव देउआका का रहने वाला है। नवीन छुट्टी पर अपने साले अरविंद के यहां आया और उसके कहने पर हत्याकांड में शामिल हो गया। दोनों ने मिलकर एक-एक गोली मारकर योगेश की हत्या कर दी।
पुलिस जांच में पता चला है कि अवकाश समाप्त होने पर जब नवीन वापस नौकरी पर नहीं पहुंचा तो अधिकारियों ने उसे लाइन हाजिर कर दिया। अभी वह फरार चल रहा है।
पूर्व में भी परिवार के आठ लोगों की हत्या कर चुका है अरविंद
एसीपी का कहना है कि अरविंद शातिर किस्म का बदमाश है। वह पूर्व में अपने पिता के साथ मिलकर चाचा समेत परिवार के आठ लोगों की हत्या कर चुका है। यह हत्या उसने वर्ष 2008 में नाबालिग रहते हुए की थी। इस मामले में वह जमानत पर है और पिता को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी जो बाद में आजीवन कारावास में बदल गई थी।
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अरविंद इतना शातिर है कि हत्या के बाद वह कपड़े बदलकर योगेश की अंतिम यात्रा में भी शामिल हुआ और अंतिम संस्कार के दौरान भी मौके पर रहकर दुख जाहिर करता रहा। जबकि जीजा नवीन हत्या के बाद मौके से फरार हो गया था।

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