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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP Flood: यूपी के इस जिले में तटबंध टूटा तो एक लाख से अधिक लोगों को होगा खतरा, समय पर चेत जाते तो नहीं आती यह नौबत

Published: Mon, 08 Sep 2025 08:17 PM (IST)

Bijnor News बिजनौर में गंगा नदी के किनारे बने 40 साल पुराने तटबंध में दरार आ गई है जिससे एक ...और पढ़ें

बिजनौर में गंगा नदी के किनारे बने 40 साल पुराने तटबंध की वर्तमान स्थित। सौ. इंटरनेट मीडिया
बिजनौर में गंगा नदी के किनारे बने 40 साल पुराने तटबंध की वर्तमान स्थित। सौ. इंटरनेट मीडिया

HighLights

  1. गंगा की धारा तीन दिन से तटबंध पर कर रही थी कटान
  2. सिंचाई विभाग और प्रशासन की रविवार सुबह टूटी नींद
  3. जेई मौके पर पहुंचे तो दो मीटर आ चुकी थी दरार

जागरण संवाददाता, बिजनौर। गंगा अपने उफान और तेजी में थी और तीन दिन से कटान हो रहा था, लेकिन व्यवस्था बनाने के प्रयास बहुत धीमी गति से हुए। तटबंध में दरार आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ।

तटबंध टूटने पर एक लाख से अधिक लोगों को खतरा हो जाएगा। 40 साल पुराना तटबंध अब टूटने की कगार पर है। हालांकि, बचाव के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। एक माह में दूसरी बार ऐसा हो रहा है कि तटबंध टूटा है। एक माह पहले मालन का तटबंध भी टूट गया था। तब मेरठ-पौड़ी हाईवे बंद हो गया था। कई गांव पानी में डूब गए थे। एक माह बाद दूसरी बार तटबंध टूटने का खतरा हो गया है। इससे में लापरवाही सामने आ रही है।

असल में गंगा की धारा तीन दिन से तटबंध पर कटान कर रही थी। सिंचाई विभाग और प्रशासन की रविवार सुबह आठ बजे नींद टूटी। जब सिंचाई विभाग के जेई मौके पर पहुंचे तो दो मीटर दरार आ चुकी थी। तब सभी की आंख खुली और कटान को रोकने का प्रयास शुरू किया गया। दोपहर तक कार्य में तेजी आई।

कटाने रोकने के लिए सिंचाई विभाग के पास भी नहीं थे इंतजाम

कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग के पास भी कोई इंतजाम नहीं थे। एनएचएआइ के डंफर और जेसीबी मंगवाकर कटान रोकने का कार्य शुरू किया गया। प्रशासन ने बाढ़ और कटान के लिए कार्य करने वाले मीरापुर के एक ठेकेदार से संपर्क भी किया तो उसने हाथ खड़े कर दिए। पंजाब में कार्य चलने की बात कहते हुए चार दिन बाद आने को कहा।

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बचाव के लिए एनडीआरएफ और पीएसी मुस्तैद

बाढ़ से बचाव के लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। तटबंध टूटने के तुरंत बाद ही गांव को खाली करने का काम शुरू हो जाएगा। पूरा अमला बाढ़ से बचाव की तैयारी में जुटा है। एनडीआरएफ और पीएसी तटबंध के आसपास पहुंच गई है। मोटर वाेट नावों को तैयार किया गया है। एनडीआरएफ और पीएसी के जवान तटबंध पर घूमकर स्थिति पर निगाह बनाए हुए हैं।

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पुलिस भी क्षेत्र में गश्त कर रही है। आसपास के गांवों में एलान कराया जा रहा है। अनाउंसमेंट कराया जा रहा है। रात में भी अनाउंसमेंट कराया गया है। एएएसपी सिटी संजीव बाजपेई, शहर कोतवाल धर्मेंद्र सोलंकी समेत पुलिस गांवों में घूमकर लोगों को सतर्क किया। एसपी अभिषेक झा ने बताया कि क्षेत्र में पुलिस तैनात हैं। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ व पीएसी के गोताखोर तैनात कर दिए गए हैं।