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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP Flood: गंगा ने 300 मीटर तक काट दिया तटबंध, बिजनौर में बाढ़ की आशंका के चलते कई गांव खाली कराने की तैयारी

Published: Mon, 08 Sep 2025 12:55 PM (IST)

Bijnor News बिजनौर में गंगा नदी का कटान जारी है जिसने 300 मीटर तक तटबंध को काट दिया है। प्रशासन ...और पढ़ें

गंगा ने 300 मीटर तक काट दिया तटबंध
गंगा ने 300 मीटर तक काट दिया तटबंध

HighLights

  1. कटान को रोकने के लिए तटबंध के पास काटकर डाले जा रहे हैं पेड़
  2. तटबंध कटा तो गांव से लेकर मुख्यालय तक में होंगे बाढ़ के हालत

जागरण संवाददाता, बिजनौर। 24 घंटे तटबंध पर शुरू हुआ गंगा का कटान अब तक रूक नहीं पाया है। गंगा ने 300 मीटर तक तटबंध को बुरी तरह काट दिया है। गंगा की तेज धारा के सामने कटान को रोकने के सारे प्रयास विफल होते जा रहे हैं।

तटबंध टूटने पर बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने गहराई में बसे गांव नवलपुर बैराज और चंदपुरा बंगाली कालोनी को खाली करने को कहा गया है। प्रशासन की पूरी टीम तटबंध के पास ही कैंप किए हुए है।

जलस्तर कम होने पर गंगा की धारा ने रविवार को कण्व ऋषि आश्रम से बैराज की ओर कटान करना शुरू कर दिया था। सिंचाई विभाग की टीम ने तुरंत ही कटान को रोकने के प्रयास शुरू कर दिए थे लेकिन गंगा की तेज धारा रेत के बोरे आदि बहाकर ले गई।

गंगा की धारा ने कुछ ही देर में तटबंध और उस पर बनी सड़क को पांच से सात मीटर काट दिया। यह कटान लगभग 300 मीटर तटबंध पर हो रहा है। हालांकि रात को कटान कुछ कम हो गया था। कुछ स्थानों पर तटबंध की चौड़ाई चार से पांच मीटर ही रह गई है।

कटान को देखते हुए प्रशासन ने रात ही तटीय गांवों में मुनादी कराकर अलर्ट घोषित कर दिया था। रात में ही प्रशासन ने गांव चंदपुरा बंगाली कालोनी और नवलपुर बैराज को खाली करने को कहा गया है। यह गांव गहराई में बसे हैं। अगर तटबंध टूट गया यहां कई फीट तक पानी आ सकता है। इन गांवों के लोगों ने अनाज को मकानों की छत आदि पर रखा है।

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हालांकि ग्रामीण अभी गांव में ही हैं। उन्होंने बाढ़ की आशंका को देखते हुए तटबंध पर आगे की ओर झोपड़ी डाल दी है। ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध टूटने पर वे तुरंत ही उन झोपड़ी में चले जाएंगे। ग्रामीण सतर्कता बरत रहे हैं। 

वहीं तटीय गांवों के परिवारों ने भी पूरी रात जागकर गुजारी। सैकड़ों मजदूरों, जेसीबी को मिट्टी के बोरे आदि डालकर तटबंध के कटान को रोकने के काम में लगाया गया है। वहीं मंडावर के गांव चंद्रभानपुर किशोर उर्फ मिर्जापुर की ओर भी गंगा का कटान नहीं रूका है। गंगा वहां बनी जाहरदीवान की प्राचीन माड़ी से केवल तीन मीटर दूर बह रही है। प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार तटबंध का निरीक्षण कर रहे हैं। सुरक्षा की दुष्टि से तटबंध के दोनों ओर ग्रामीणों के आने जाने पर रोक लगा दी गई है।

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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ब्रजेश मौर्य कहते हैं कि कटान को रोकने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। तटबंध के पास मिट्टी के बोरे, पत्थर आदि डाले जा रहे हैं। पेड़ भी काटकर डाले गए हैं। स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।