गंगा की कटरी में 3000 बीघा वन विभाग की जमीन बिकी, मास्टरमाइंड का नाम सुनकर अधिकारी भी हैरान
चंदनपुर में वन विभाग की 3000 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में जांच के बाद वन दारोगा अमित चौहान को दोषी पाया गया है। ग्रामीणों ने बयान दिया कि दारो ...और पढ़ें

फाइल फोटो
उमेश राठौर, जागरण, बदायूं। गंगा की कटरी चंदनपुर में जमीन कब्जाने के मामले में जिस बात का अनुमान लगाया जा रहा था। जांच में वही बात निकली। आरोपित वन दारोगा अमित चौहान का ही हाथ निकला। जांच में उसके खिलाफ कई ग्रामीणों ने बयान दिया है कि वन दारोगा ने ही रुपये लेकर जमीन पर कब्जा कराया था। इस पर वन दारोगा को निलंबित कर दिया है और उसे बरेली मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के चंदनपुर रेंज में वन विभाग की जमीन कब्जाने का मामला काफी चर्चित है। यहां गंगा की कटरी में वन विभाग के करीब 3000 बीघा जमीन वनखंडा के नाम से है और उस पर आसपास के सैंकड़ों लोगों ने कब्जा कर लिया था। अभी कुछ दिन पहले ही वन विभाग की टीम ने उसे कब्जा मुक्त कराने का प्रयास किया था।
इसी दौरान कब्जा करने वालों ने टीम पर हमला कर दिया था, जिससे टीम को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा था। इस हमले में वन विभाग की दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई और कई कर्मचारियों को चोट भी आई। इस संबंध में उझानी कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। इसको लेकर वन विभाग की टीम ने अलग से विभागीय जांच भी कराई।
बताया जा रहा है कि इसकी छानबीन के दौरान चंदनपुर गांव के कई लोगों ने कार्यालय आकर बयान दिया कि वन दारोगा अमित चौहान ही रुपये लेकर जमीन पर कब्जा कराता था और वहां फसल करने की अनुमति देता था। वह कई साल से वहां फसल भी करवा रहा था। इससे गांव वाले लगातार जमीन को जोतकर फसल कर रहे थे और वन दारोगा लगातार किसानों से उगाही कर रहा था।
इसके बारे में वन विभाग के अधिकारियों को भी जानकारी थी लेकिन वन दारोगा के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिल रहे थे लेकिन जब यह मामला प्रकाश में आया तो सारी सच्चाई सामने आ गई। इससे वन विभाग के अधिकारियों ने आरोपित दारोगा अमित चौहान को सस्पेंड कर दिया और उसे बरेली मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।
मुखबिरी कर रहा था वन दारोगा
कछला इलाके की गंगा की कटरी में कई बार जमीन कब्जाने को लेकर फायरिंग हो चुकी थी। यहां ऐसा माहौल हुआ था कि जिसकी लाठी उसकी जमीन वाला व्यवस्था बन गई थी। ऊपर से वन दारोगा किसानों के मुखबरी कर रहा था। जब कोई टीम वहां जाती थी तो वह पहले से किसानों को अलर्ट कर देता था, जिससे किसान आमने-सामने आ जाते थे। अभी कुछ दिन पहले हुए हमले में भी बताया जा रहा है कि वन दरोगा ने ही किसानों को बता दिया था, जिससे गांव के लोग असलहे लेकर पहुंच गए थे।
चंदनपुर में जमीन कब्जाने के मामले में वन दारोगा अमित चौहान को निलंबित कर दिया गया है। जांच में उसके खिलाफ कई लोगों ने बयान दिया है। यह भी बताया है कि वह किसानों से रुपये लेकर जमीन पर कब्जा करा रहा था। इसलिए वह कब्जा की गई जमीन के बारे में विभागीय अधिकारियों को सूचना नहीं दे रहा था। अब उसे निलंबित करने के बाद बरेली अटैच कर दिया गया है।
- विकास कुमार वरुण, रेंजर
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