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    यूपी के ये 3 जिलों बदलेंगे देश की किस्मत, यहां हो रही जमीन के नीचे कच्चे तेल के भंडार की तलाश

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 07:59 PM (IST)

    अल्फाजियो (इंडिया) लिमिटेड उत्तर प्रदेश के औरैया, कन्नौज और फर्रुखाबाद जिलों में कच्चे तेल की खोज कर रही है। कंपनी ने औरैया के अछल्दा, बिधूना और अजीतम ...और पढ़ें

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    अछल्दा के हसनपुर गांव मेंकच्चे तेल की संभावना पर की गई बोरिंग के दौरान का दृश्य। जागरण आर्काइव 

    जागरण संवाददाता, औरैया। यूपी के तीन जिले फर्रुखाबाद, औरैया और कन्नौज में कच्चे तेल के भंडार की संभावना जताई गई है। यहीं वजह है कि अल्फाजियो (इंडिया) लिमिटेड कंपनी अब जिले से सटे कन्नौज, फर्रुखाबाद जनपदों में अपना डेरा जमाना शुरू किया है। तीनों जगहों पर खुदाई करके तलाश जारी है। 

    औरैया में सबसे पहले अछल्दा के हसनपुर गांव में सेंगुर नदी किनारे टीम ने बीते वर्ष 14 दिसंबर को 180-180 फीट तक 20 बोरिंग की। चार ब्लास्ट कर तरंगों को रिकार्ड किया गया। बिधूना में 18 बोरिंग हुई। आठ ब्लास्ट किए गए। अजीतमल में 40 बोरिंग करते हुए भूमिगत 10 ब्लास्ट कर कार्यों को किया। हालांकि, कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त सैंपलों के परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। इसमें थोड़ा वक्त लगेगा।

    ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण खोज

    नवंबर में ड्रोन कैमरे से पता चलने पर टीम को क्षेत्र में कच्चे तेल की खोज की संभावना बढ़ी थी। ओएनजीसी (तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम) भूगर्भीय संरचना की जांच कर रही हैं। ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खोज हो सकती है। जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं और भविष्य में तेल उत्पादन के नए द्वार खुल सकते हैं।

    इस गांव में 20 बोरिंग करवाई गई

    हसनपुर गांव में कच्चे तेल के संकेत मिलने के चलते तीन किलोमीटर के दायरे में 20 बोरिंग 180 फीट पर की गई थी। 14 से 16 दिसंबर तक टीम सेंगुर नदी किनारे सक्रिय रही। 21 दिसंबर को कंपनी के अधिकारियों द्वारा बिधूना क्षेत्र के रुरुगंज और भूटा गांव में करीब 18 जगहों पर बोरिंग कर डाटा एकत्रित किया गया था।

    क्षेत्र को होगा बड़ा लाभ

    फील्ड इंचार्ज संतोष मौर्या का कहना रहा कि तरंगों के जरिए एकत्रित डाटा की जानकारी मिलने पर उचित मात्रा में हाइड्रोकार्बन पदार्थ मिला तो क्षेत्रीय लोगों को सबसे बड़ा लाभ मिलेगा। वहीं अजीतमल क्षेत्र में कच्चे तेल की खोज को लेकर बड़ा अभियान शाहपुर बेंदी समेत कई गांवों में 25 दिसंबर को चलाया गया।

    इन गांवों में भी हुई खोदाई

    शाहपुर बेंदी, खेतूपुर नारायणपुर और काजीपुर बंबा जैसे गांवों में गहन सर्वे और खोदाई का कार्य हुआ। महत्वाकांक्षी सर्वे अभियान में 40 से अधिक बोरिंग मशीनें लगाई गई हैं, जबकि करीब 500 मजदूर और तकनीकी कर्मचारी दिन-रात कार्य में जुटे रहे। 80 से 120 अलग-अलग स्थानों पर बोरिंग कर सैंपल एकत्र किए गए। इन सैंपलों को विस्तृत जांच और विश्लेषण के लिए दिल्ली स्थित कंपनी की प्रयोगशाला भेजा गया। अल्फाजियो (इंडिया) लिमिटेड कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) अमित सिंह ने बताया कि यह क्रूड आयल सर्वे भारत सरकार के निर्देश पर कराया जा रहा है।

    कन्नौज में चार गांवों में की ड्रिल बोरिंग

    पेट्रोलियम की तलाश में हैदराबाद की टीम ने चार गांव में की ड्रिल बोरिंग। खेतों में 25 स्थानों पर ड्रिल मशीन से 30 मीटर गहरी की हैं। मौजूदा समय थाना विशुनगढ़ क्षेत्र में गांव कुड़रा, रैपुरा, पोपपुर और तिर्वा कोतवाली बहसार गांव में 60 मीटर गहरी बोरिंग कर रहे है। जिला खान अधिकारी संदेश पटेल ने बताया कि टीम 60 मीटर गहराई तक ड्रिल बोरिंग करेगी। बोरिंग सूखने पर बारूद से जमीन के अंदर कम तीव्रता का विस्फोट कर करेगी। इसके बाद नमूनों को लैब भेजकर पेट्रोलियम पदार्थ होने की जानकारी करेगी। टीम ने मलिकपुर-सौरिख रोड, गुरसहायगंज और फर्रुखाबाद जनपद में भी पेट्रोलियम पदार्थ की खोज में बोरिंग करेगी। एडीएम देवेंद्र सिंह का कहना है कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। किसी भी व्यक्ति या किसानों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम पदार्थ की खोज में पहले से सर्वे किया जा रहा है।

     

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