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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी... जिस FIR को किया निरस्त उसी पर आगरा पुलिस ने दाखिल कर दी चार्जशीट

Published: Sun, 10 Aug 2025 07:55 AM (IST)

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में एफआईआर रद्द कर दी थी लेकिन हरीपर्वत पुलिस ने फिर भी चार्जशीट ...और पढ़ें

प्रस्तुतीकरण के लिए सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
प्रस्तुतीकरण के लिए सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

HighLights

  1. हाईकोर्ट ने निरस्त की एफआईआर, पुलिस ने फिर भी लगा दी चार्जशीट
  2. धोखाधड़ी मुकदमे से जुड़े लोगों को सम्मन जारी होने पर हुई जानकारी
  3. अधिवक्ता ने की पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

जागरण संवाददाता, आगरा। धोखाधड़ी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एफआईआर को निरस्त कर दिया। बावजूद इसके हरीपर्वत पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट में दोषी बनाए गए लोगों के पास जब समन पहुंचे तो उन्हें पूरे मामले की जानकारी हुई।

मुकदमे से जुड़े लोगों ने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में अपना पक्ष रखा। सीजेएम ने नाराजगी जताते हुए आख्या तलब की है। अधिवक्ता ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

संपत्ति को लेकर रिश्तेदारों से हुआ था विवाद

अंकित धीर का संपत्ति को लेकर अपनी रिश्तेदारों के साथ विवाद था। 10 लोगों के खिलाफ 2021 में हरीपर्वत थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। दोनों पक्षों में समझौते के आधार पर तीन अगस्त 2024 को हाई कोर्ट ने हरीपर्वत थाने में दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया। पीड़ित पक्ष के अनुसार 19 सितंबर को हाई कोर्ट के आदेश की प्रति उन्होंने हरीपर्वत थाना पुलिस को सौंप दी थी।

पुलिस ने फरवरी 2025 में 10 लोगों के खिलाफ लगा दी चार्जशीट

इसके बाद भी पुलिस ने फरवरी 2025 में 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी। हाल ही में कोर्ट से समन पहुंचने पर चार्जशीट में दोषी बनाए गए लोगों को जानकारी हुई।पीड़ितों ने मामले में अधिवक्ता डॉक्टर अरुण कुमार दीक्षित के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अपना पक्ष प्रस्तुत किया है।

न्यायालय ने आपत्ति जताते हुए पुलिस से आख्या तलब की

अधिवक्ता के अनुसार इस पर न्यायालय ने आपत्ति जताते हुए 13 अगस्त 2025 तक पुलिस से आख्या तलब की है। अधिवक्ता का कहना है कि मामले में पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी एसीपी की है। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।

इंस्पेक्टर प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि आदेश की प्रति प्राप्त होने से पहले चार्जशीट दाखिल की जा चुकी थी। मामले में विधि अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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