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    मतांतरित गिरोह के चंगुल से बचाई युवतियों ने बताई सच्चाई, 'मुस्लिम युवकों से निकाह नहीं करना चाहतीं थीं'

    Updated: Tue, 29 Jul 2025 08:24 AM (IST)

    आगरा में अवैध मतांतरण गिरोह के जाल में फंसी युवतियां मुस्लिम युवकों से निकाह नहीं करना चाहती थीं। उन्हें डर था कि मुस्लिम युवक शादीशुदा हो सकते हैं और ...और पढ़ें

    Agra News: प्रस्तुतीकरण के लिए सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

    जागरण संवाददाता, आगरा। अवैध मतांतरण गिरोह के जाल में फंसकर मतांतरण करने वाली युवतियां मुस्लिम युवकों से निकाह करना नहीं चाहती थीं। गिरोह के जाल में फंसकर युवतियों ने मतांतरण तो कर लिया था। मगर, मुस्लिम युवकों के प्रति उनके मन में शंका थी कि वह शोषण के बाद उन्हें धोखा दे सकते हैं। जिसके चलते वह रिवर्ट मुस्लिम युवकों से ही निकाह को प्राथमिकता देती थीं। युवतियों की काउंसलिंग के दौरान उनके मन की बात सामने आई।

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    मतांतरण गिरोह की शिकार युवतियाें से पुलिस द्वारा पूछताछ के साथ ही काउंसलिंग भी की जा रही है। काउंसलिंग के दौरान सामने आया कि मतांतरित होने के बाद भी युवतियां मुस्लिम युवकों से निकाह करना नहीं चाहती थीं।

    संपर्क में आने वाल अधिकांश मुस्लिम युवक पहले से थे शादीशुदा

    अधिकांश युवतियां विभिन्न ग्रुप के माध्यम से संपर्क में थीं। जिसके चलते वह एक दूसरे से मोबाइल पर व्यक्तिगत रूप से भी बात करती थीं। युवतियों ने काउंसलिंग में बताया कि कि उनके सामने कई ऐसे मामले आए, जिसमें मुस्लिम युवक पहले से शादीशुदा थे। इसके बाजवूद वह निकाह करना चाहते थे।

    हरियाणा के रोहतक की जिस युवती काे पुलिस ने अब्दुल रहमान के घर से बरामद किया, उसे दिल्ली के जुनैद ने निकाह करके तलाक दे दिया था। दोनों के बीच आठ वर्ष से मित्रता थी। जुनैद पहले से शादीशुदा था। देहरादून मतांतरित मरियम का भी जबरन निकाह कराया गया था।

    इसके बावजूद युवतियों से करना चाहते थे निकाह, धोखे की आशंका

    युवतियों की काउंसलिंग में सामने आया कि मतांतरण के बाद युवतियां खुद को ठगा हुआ महसूस करती थीं। यह युवतियां आहत थीं। युवतियां को कहना था कि मुस्लिम की जगह रिवर्ट मुस्लिम से ही निकाह करना चाहती थीं। उनका मानना था कि रिवर्ट मुस्लिम युवक उनकी मानसिक स्थिति काे अधिक बेहतर समझेंगे।

    आज खत्म हो रही 10 सदस्यों की पुलिस रिमांड

    मतांतरण गिरोह के 10 आरोपितों आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, जुनैद कुरैशी, रहमान कुरैशी, अबू तालिब, मोहम्मद अली, मुस्तफा उर्फ रीत, इब्राहिम उर्फ बानिक, ओसमा, अली हसन उर्फ शेखर राय, अबुर्रहमान की मंगलवार को रिमांड की अवधि समाप्त हो रही है। वहीं सरगना अब्दुल रहमान की रिमांड दो अगस्त तक है।

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