TRAI के नए नियमों से मिलेगी अनचाहे कॉल्स और मैसेज से मुक्ति, जानें 8 जरूरी बातें
TRAI ने अनचाहे कॉल्स और फर्जी मैसेज पर नियंत्रण लगाने के लिए नए नियमों की घोषणा की है
नई दिल्ली (टेक डेस्क)। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने फर्जी कॉल्स और मैसेज पर लगाम लगाने के लिए गुरुवार को नए नियमों की घोषणा की है। नए नियमों के मुताबिक, किसी भी तरह के अनचाहे मैसेज भेजने से पहले यूजर की सहमति अनिवार्य कर दी है। ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी तरह की कमर्शियल कम्युनिकेशन केवल रजिस्टर्ड सेंडर्स के हिसाब से ही होना चाहिए। ट्राई ने बताया, 'रेग्युलेशन में पूरी तरह बदलाव जरूरी हो गया था। नए नियम का उद्देश्य यूजर्स को स्पैम से हो रही परेशानी को प्रभावी रूप से रोकना है।'
दूरसंचार कंपनियों ने जताई आपत्ति
दूरसंचार कंपनियों ने इस नए नियम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसके लिए सेट-अप लगाने में अतिरिक्त खर्च आएगा। जिसपर ट्राई ने टेलिकॉम कंपनियों को कहा कि अगर सेट-अप को विदेशों से आउटसोर्स किया जाए तो इसपर लगने वाले अतिरिक्त खर्च में काफी कमी आएगी। दूरसंचार कंपनियों को ब्लॉकचेन आधारित तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। ट्राई ने आगे कहा कि ब्लॉकचेन आधारित तकनीक का इस्तेमाल करके इन फर्जी कॉल्स और मैसेज पर आसानी से लगाम लगाया जा सकता है।
बिना यूजर्स के मर्जी ने नहीं भेज सकेंगे मैसेज या कॉल्स
नए नियमों के तहत मैसेज सेंडर्स, हेडर्स (अलग-अलग तरीके के मेसेज को अलग करने वाले) के रजिस्ट्रेशन और सब्सक्राइबर्स की सहमति को अनिवार्य कर दिया गया है। ट्राई ने आगे कहा कि कुछ मार्केटिंग कंपनियां इस आधार पर ग्राहकों की मंजूरी का दावा करती हैं, जो वह चोरी-छिपे या किसी अन्य तरीके से प्राप्त करती है। ट्राई द्वारा सुझाए गए नए नियमों के मुताबिक, अब उपभोक्ताओं का अपनी मंजूरी पर पूरा नियंत्रण होगा। उनके पास पहले दी गई मंजूरी को वापस लेने का भी विकल्प होगा।
दुरुपयोग पर जुर्माना का प्रावधान
ट्राई ने आगे कहा, 'नया नियम सब्सक्राइबर्स को सहमति पर पूर्ण नियंत्रण देता है और पहले दी गई सहमति को वापस भी ले सकता है। सब्सक्राइबर्स की सहमति रजिस्ट्रेशन से मौजूदा नियमों का दुरुपयोग रुक सकता है।' नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उल्लंघन की श्रेणी के मुताबिक, 1,000 रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक का जुर्मना लगाया जा सकता है।
क्या है ब्लॉकचेन तकनीक?
इस समय ब्लॉकचेन तकनीक धीरे-धीरे दुनिया में जोर पकड़ रही है। इस तकनीक का इस्तेमाल हीरा व्यापारी कारोबार करने के लिए करते हैं। माना जा रहा है कि यह तकनीक लेन-देन के लिए काफी सुरक्षित होती है। इस तकनीक का इस्तेमाल बिटक्वॉइन जैसे क्रिप्टोकरेंसी या आभासी मुद्रा के लेन-देन में भी किया जाता है। मोबाइल तकनीकी को और सुरक्षित बनाने के लिए स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां भी ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल करने की तैयारी में हैं। अब इस तकनीक को संचार के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
ब्लॉकचेन तकनीक और नए नियमों से जुड़ी जरूरी बातें
- ब्लॉकचेन को डिजिटल लीडर भी कहा जाता है, जो अनचाहे फर्जी कॉल्स को फिल्टर करता है।
- भारत दुनिया का पहला देश है जो संचार के लिए इस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करता है।
- इस तकनीक से स्पैमर अगर 10 डिजीट का फोन नंबर इस्तेमाल करता है तो उसे डाटा मैचिंग का इस्तेमाल करके आसानी से ट्रैक किया जा सकता है।
- नए नियमों के मुताबिक इंफ्रास्ट्रकर को शेयर और आउटसोर्स करने की आजादी है।
- इसकी वजह से दूरसंचार कंपनियों को इसपर लगने वाला अतिरिक्त खर्च काफी कम हो जाता है।
- ब्लॉकचेन तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह कॉल्स को ऑटोमैटिकली फिल्टर कर लेता है।
- फाइनेंसियल सेक्टर में भी इस तकनीक का लाभ मिलेगा।
- इन नए नियमों से सभी स्टेकहोल्डर्स को फायदा मिलेगा।
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