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    Microsoft Bing में चैट हिस्ट्री फीचर हुआ रोलआउट, यूजर्स ऐसे कर सकते हैं इस्तेमाल

    By Shivani KotnalaEdited By: Shivani Kotnala
    Updated: Tue, 23 May 2023 05:05 PM (IST)

    Microsoft Bing New Features माइक्रोसॉफ्ट ने बीते महीने ही बिंग चैट में नए फीचर्स को लाने का एलान किया था। कंपनी के लेटेस्ट ब्लॉग पोस्ट में बताया गया ...और पढ़ें

    Microsoft Bing All New Features Chat History Charts Video Overlay And More, Pic Courtesy- Jagran

    नई दिल्ली, टेक डेस्क। टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट का आज से एनुअल इवेंट शुरू हो रहा है। इस इवेंट के साथ कंपनी अपने कई दूसरे एप्लीकेशन में एआई इंटीग्रेशन का एलान कर सकती है। इवेंट से पहले ही माइक्रोसॉफ्ट के सर्च इंजन बिंग को लेकर एक नया अपडेट मिल रहा है।

    बिंग में चैट हिस्ट्री का रोलआउट हुआ शुरू

    मालूम हो कि हाल ही में कंपनी ने बिंग में बिंग में अब यूजर्स को चैट हिस्ट्री, चार्ट्स, विजुलाइजेशन, वीडियो ऑवरले, प्राइवेसी सुधार, जवाबों को एक्सपोर्ट का फीचर जोड़ा था। माइक्रोसॉफ्ट ने अपने एआई जनरेटिव टूल को लेकर कई अपग्रेड पेश किए थे।

    कंपनी ने कन्फर्म कर दिया था कि बिंग के सारे फीचर्स को यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट ने वेटलिस्ट को एलिमिनेट करने की जानकारी भी दी थी। अब एक लेटेस्ट ब्लॉग पोस्ट में कंपनी ने कहा है कि बिंग चैट में चैट हिस्ट्री फीचर का रोलआउट शुरू हो चुका है।

    चैट विंडो पर देखी जा सकेगी चैट हिस्ट्री

    चैट हिस्ट्री फीचर की मदद ये यूजर एआई चैटबॉट से की बातचीत की हिस्ट्री को देख सकेगा। चैट विंडो पर राइट साइड में पुरानी चैट्स को देखा जा सकेगा। यूजर को चैटबॉट के साथ की गई बातचीत को रिनेम, डिलीट, एक्सपोर्ट और शेयर करने का भी ऑप्शन मिलेगा।

    मालूम हो कि हाल ही में पॉपुलर चैटबॉट मॉडल चैटजीपीटी का ऑफिशियल ऐप रिलीज किया गया है। यह ऐप वर्तमान में केवल आईओएस यूजर्स के लिए लाया गया है। इस ऐप में भी यूजर को अपनी चैट हिस्ट्री को देखने की सुविधा मिलती है।

    बिंग में किया गया प्राइवेसी को लेकर सुधार

    बिंग में माइक्रोसॉफ्ट ने एक बडे़ प्राइवेसी सुधार को पेश किया है। बिंग चैट में यह फीचर पीसी पर फाइल्स से जुड़ी कन्वर्सेशन के रिकॉर्ड को शामिल नहीं करता है। इसी तरह इस फीचर की मदद से माइक्रोसॉफ्ट सर्च इंडेक्स से अलग कंटेंट का भी रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है। इस फीचर की मदद से यूजर की पर्सनसल जानकारियों का इस्तेमाल एआई टूल को ट्रेनिंग देने वाले डेटा में नहीं किया जा सकेगा।