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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

9 हजार एंड्रॉयड एप्स आपकी निजी जानकारी थर्ड पार्टी से कर रही हैं शेयर: रिपोर्ट

By Shilpa SrivastavaEdited By:
Published: Tue, 10 Jul 2018 04:26 PM (IST)Updated: Wed, 11 Jul 2018 11:20 AM (IST)

रिसर्च में एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद 17000 से ज्यादा एप्स का विश्लेषण किया है जिसमें 9000 एप्स में मोबाइल के स्क्रीनशॉट लेने की क्षमता थी

9 हजार एंड्रॉयड एप्स आपकी निजी जानकारी थर्ड पार्टी से कर रही हैं शेयर: रिपोर्ट
9 हजार एंड्रॉयड एप्स आपकी निजी जानकारी थर्ड पार्टी से कर रही हैं शेयर: रिपोर्ट

नई दिल्ली (टेक डेस्क)। एंड्रॉयड स्मार्टफोन में एप्स का इस्तेमाल तो हर कोई करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई एंड्रॉयड एप्स ऐसी भी हैं जो आपकी निजी जानकारी को चुराकर थर्ड पार्टी को भेज सकती हैं। दरअसल, इस तरह की एप्स यूजर्स की एक्टिविटी, यूजरनेम, पासवर्ड समेत क्रेडिट कार्ड का नंबर और कई जरूरी जानकारियों का स्क्रीनशॉट लेने में सक्षम होती हैं। साथ यह स्क्रीनशॉट थर्ड पार्टी को भेजे जा सकते हैं। यह बात एक रिसर्च में सामने आई है। सकती हैं। यह बासारी चीजों के स्क्रीनशॉट लेने की क्षमता रखते हैं और उन्हें थर्ड पार्टी को भेज सकते हैं। ये बात एक नई स्टडी में सामने आई है।

17000 में से 9000 एप लेती हैं स्क्रीनशॉट:

रिसर्च में एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद 17000 से ज्यादा एप्स का विश्लेषण किया है जिसमें 9000 एप्स में मोबाइल के स्क्रीनशॉट लेने की क्षमता थी। बॉस्टन के नॉर्थ-ईस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड चोफनस के मुताबिक, इस स्टडी में बताया गया है कि इन एप्स के पास मोबाइल का स्क्रीनशॉट लेने या उसमें जो कुछ भी टाइप किया जा रहा है उसे रिकॉर्ड कनरे की क्षमता होती है।

इसी यूनिवर्सिटी के एक अन्य प्रोफेसर क्रिस्टो विल्सन ने बताया कि इस स्टडी में स्क्रीनशॉट या रिकॉर्डिंग के अलावा ऑडियो रिकॉर्डिंग का पता नहीं चला है क्योंकि किसी भी एप में माइक्रोफोन को एक्टिव नहीं किया गया था। एप्स अपने आप ही स्क्रीनशॉट लेकर थर्ड पार्टी को भेज रहीं थीं। इसके लिए यूजर्स की इजाजत भी नहीं ली जाती है।

हेल्थ एप्स भी भेजती हैं डाटा:

हेडेक: जर्नल ऑफ हेड एंड फेस पेन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसी हेल्थ एप है जो माइग्रेन का पता लगात है। यह एप भी यूजर का डाटा थर्ड पार्टी को भेजती है। ऐसे में यह यूजर की प्राइवेसी का उल्लंघन है, क्योंकि हेल्थ एप्स से थर्ड पार्टी को भेजने वाले डाटा के लिए कुछ कानून मौजूद हैं।

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