नई दिल्ली (टेक डेस्क)। इस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp द्वारा फैलाई जा रही फेक न्यूज को लेकर कंपनी ने कई कड़े कदम उठाए हैं। इसी क्रम में WhatsApp ने एक नया मशीन लर्निंग सिस्टम बनाया है। इस सिस्टम के जरिए उन अकाउंट्स की पहचान की जाती है जो एक साथ कई लोगों को मैसेज करते हैं। इसे बल्क मैसेजिंग भी कहा जाता है। इस लर्निंग सिस्टम के जरिए WhatsApp फेक कंटेंट शेयरिंग पर रोक लगाना चाहती है।

20 लाख से ज्यादा अकाउंट्स को किया बैन:

WhatsApp ने कहा है कि उसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कुछ लोग गलत खबरें फैलाने के लिए कर रहे हैं। सिर्फ फेक न्यूज ही नहीं बल्कि कुछ ऐसे लिंक्स भी यूजर्स को भेजे जाते हैं जिनके जरिए दूसरों की निजी जानकारी चुराई जा सकती है। WhatsApp ने कहा है कि इस तरह से बल्क मैसेज या ऑटोमैटिक मैसेज करना कंपनी के नियम व शर्तों के खिलाफ है। कंपनी ऐसे मामलों को रोकना चाहती है। WhatsApp ने दावा किया है कि मशीन लर्निंग सिस्टम के जरिए हर महीने 20 लाख से ज्यादा अकाउंट्स को बैन किया गया है।

जानें कैसे करता है मशीन लर्निंग सिस्टम काम:

WhatsApp ने बताया कि यह सिस्टम अपमानजनक व्यवहार को डिटेक्ट और संदिग्ध अकाउंट्स को बैन करता है। साथ ही यह भी बताया कि यह सिस्टम ऐसे फोन नंबर को डिटेक्ट करता है जिसे हाल ही में गलत कंटेंट के लिए रिपोर्ट किया गया है। अगर इसी नंबर से दोबारा रजिस्ट्रेशन किया जाता है तो यह सिस्टम उसे डिटेक्ट कर बैक कर देता है। इसी तरह से तीन महीने में 20 फीसद अकाउंट को रजिस्ट्रेशन के समय ही बैन कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि उसका मकसद फेक कंटेंट को पहचान कर बैन करना है। इस प्रोसेस को मैनुअली करना आसान नहीं है। इसलिए यह सिस्टम बनाया गया है।

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Posted By: Shilpa Srivastava