विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Vinayaka Chaturthi 2023: कब है विनायक चतुर्थी? जानें, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

By Jagran NewsEdited By: Pravin Kumar
Published: Tue, 12 Dec 2023 01:42 PM (IST)

हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। यह दिन देवों के देव महादेव के ...और पढ़ें

Vinayaka Chaturthi 2023: कब है विनायक चतुर्थी? जानें, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Vinayaka Chaturthi 2023: कब है विनायक चतुर्थी? जानें, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

HighLights

  1. शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है।
  2. हिंदू धर्म में विनायक चतुर्थी पर भगवान गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व है।
  3. भगवान गणेश की पूजा करने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली । Vinayaka Chaturthi 2023: हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। यह दिन देवों के देव महादेव के पुत्र भगवान गणेश को समर्पित होता है। हिंदू धर्म में भगवान गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। इनकी पूजा के बिना किसी भी देवी-देवता की पूजा-अर्चना पूर्ण नहीं मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश जी की पूजा करने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। आइए, विनायक चतुर्थी की तिथि, शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि के बारें में जानते हैं।

कब है विनायक चतुर्थी (Kab Hai Vinayaka Chaturthi 2023)

दैनिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 15 दिसंबर 2023 को रात 10 बजकर 30 से शुरू होगी और इसके अगले दिन 16 दिसंबर 2023 को रात 08 बजे तिथि का समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, 16 दिसंबर को विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा।

यह भी पढ़ें: Vinayaka Chaturthi 2023: विनायक चतुर्थी पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप, सभी संकटों से मिलेगी निजात

विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त (Vinayaka Chaturthi 2023 Shubh Muhurat)

विनायक चतुर्थी के दिन साधक सुबह 11 बजकर 15 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 19 मिनट तक पूजा-अर्चना कर सकता है।

विनायक चतुर्थी पूजा विधि (Vinayaka Chaturthi 2023 Puja Vidhi)

विनायक चतुर्थी के दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान गणेश जी के सामने प्रार्थना करते हुए पूजा का संकल्प लें।

एक चौकी पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित कर उनका जलाभिषेक करें।

अब भगवान गणेश जी को चंदन का तिलक लगाएं और साथ ही कुमकुम, वस्त्र, पीले फूल, अक्षत, धूप, दीप, पान और सुपारी चढ़ाएं।

ऐसा कहा जाता है कि गणेश जी को दूर्वा (घास) और मोदक अधिक पसंद है।

ऐसे में देवों के देव महादेव के पुत्र का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लड्डू या मोदक का भोग जरूर लगाएं और दूर्वा जरूर अर्पित करें।

यह भी पढ़ें: Vinayaka Chaturthi 2023: विनायक चतुर्थी पर 'भद्रावास' समेत बन रहे हैं ये 3 अद्भुत संयोग, प्राप्त होगा अक्षय फल

Author-Kaushik Sharma

डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'