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    Shani jayanti 2025: शनि जयंती की पूजा का क्या है सही नियम? जानिए शुभ मुहूर्त

    Updated: Tue, 27 May 2025 08:11 AM (IST)

    हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को शनि जयंती (Shani jayanti 2025) मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है और परिवार में खुशहाली आती है। 27 मई यानी आज शनि जयंती मनाई जा रही है। इस दिन शनिदेव की पूजा से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

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    Shani jayanti 2025: शनि जयंती 2025 पूजा मुहूर्त।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शनि जयंती का पर्व हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को मनाया जाता है। यह दिन भगवान शनिदेव के जन्मोत्सव के रूप में भक्त बड़े उत्साह से मनाते हैं। इस साल यह (Shani jayanti 2025) आज यानी 27 मई को मनाया जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से शनिदेव की पूजा करने से व्यक्ति को शनि दोष के बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही परिवार में खुशहाली बनी रहती है,तो आइए इस दिन जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

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    शनि जयंती 2025 पूजा मुहूर्त (Shani jayanti 2025 Puja Muhurat)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त 27 मई 2025, सुबह 04 बजकर 03 मिनट से सुबह 04 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 36 मिनट से 03 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 07 बजकर 11 मिनट से 07 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। सुबह सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।

    इसके साथ ही रात 10 बजकर 54 मिनट तक सुकर्मा योग का संयोग बन रहा है। फिर सुबह 08 बजकर 31 मिनट तक शिववास योग रहेगा। इस दौरान आप किसी भी तरह का मांगलिक काम कर सकते हैं।

    शनि जयंती पूजा विधि (Shani jayanti 2025 Puja Vidhi)

    • इस दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
    • नीले रंग के कपड़े पहनें।
    • पूजा शुरू करने से पहले हाथ में जल और काले तिल लेकर शनिदेव की पूजा का संकल्प लें।
    • घर या शनि मंदिर में जाकर शनिदेव की पूजा करें।
    • शनिदेव को सरसों का तेल बहुत प्रिय है।
    • इसलिए उनका तेल से अभिषेक करें।
    • तिल के तेल का दीपक जलाएं।
    • शनिदेव को नीले रंग के फूल, जैसे अपराजिता व शमी के फूल अर्पित करें।
    • इसके साथ ही, उन्हें काला उड़द, काले तिल, लोहा, और गुड़ से बनी चीजें अर्पित करें।
    • "ॐ शं शनैश्चराय नमः" या "ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नमः" मंत्र का 108 बार भक्ति भाव से जप करें।
    • सुबह पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और शाम सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
    • इस दिन वाणी और व्यवहार में पवित्रता बनाए रखें।
    • किसी का अनादर न करें, झूठ न बोलें और किसी को परेशान न करें।

    शनि जयंती 2025 पूजा मंत्र (Shani jayanti 2025 Puja Mantra)

    1. ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम ।

    छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम ।।

    2. सुर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्ष: शिवप्रिय: ।

    दीर्घचार: प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि: ।।

    तन्नो मंद: प्रचोदयात ।।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।