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    Pongal 2026 Date: जनवरी में इस दिन मनाया जाएगा पोंगल, अभी से शुरू कर दें तैयारी

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 10:00 AM (IST)

    पोंगल एक हिंदू त्योहार है, जिसे तमिलनाडु में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व तमिल नववर्ष के रूप में मनाया जाता है, जो चार दिवसीय उत्सव है ...और पढ़ें

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    Pongal 2026 date (AI Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सौर पंचांग के अनुसार, यह पोंगल का त्योहार (pongal dates 2026) तमिल माह की पहली तारीख को मनाया जाता है। इस पर्व की शुरुआत की शुरुआत भोगी पोंगल से होती है। दूसरे दिन थाई पोंगल पर मनाया जाता है, जो पोंगल का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। असर में यह पर्व प्रकृति का आभार प्रकट करने के लिए मनाया जाता है, जिसमें इंद्र देव और सूर्य देव के साथ-साथ पशु धन की भी पूजा की जाती है।

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    इस दिन मनाए जाएगा पोंगल (pongal dates 2026)

    पोंगल  का पर्व (Pongal 2026) बुधवार, 14 जनवरी 2026 से शुरू हो रहा है, जो शनिवार 17 जनवरी तक चलेगा। साथ ही इस दिन पर संक्रांति का क्षण शाम 5 बजकर 43 मिनट पर रहेगा। 

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    पोंगल पर्व का महत्व

    थाई पोंगल (Thai Pongal 2026) के दिन, एक खुले स्थान पर नए मिट्टी के बर्तन में कच्चे दूध, गुड़ और नई फसल के चावलों को उबालकर खीर बनाई जाती है, जिसे पोंगल ही कहा जाता है। पोंगल बनाते समय, लोग बर्तन में दूध को तब तक उबलने देते हैं, जब तक की वह बर्तन से बाहर न गिरने लगे। इसे सुख-समृद्धि के शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है।

    सबसे पहले यह खीर सूर्य देव को अर्पित की जाती है और अच्छी फसल के लिए उनका आभार प्रकट किया जाता है। सूर्य देव को पोंगल अर्पित करने के बाद घर के सभी सदस्यों को केले के पत्ते पर पोंगल परोसा जाता है और बड़े ही उत्साह के साथ इसे ग्रहण किया जाता है।

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    (AI Generated Image)

    इन दिनों का भी है खास महत्व

    थाई पोंगल के अगले दिन मट्टू पोंगल मनाया जाता है। इस दिन मवेशियों को सजाया जाता है तथा उनकी पूजा की जाती है। पोंगल के अंतिम दिन को कानुम पोंगल के नाम से जाना जाता है, जिसे जिसे कन्नुम भी कहते हैं। यह दिन पारिवारिक मिलन का समय माना जाता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।