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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Raksha Bandhan 2025: अगस्त में कब है रक्षाबंधन? इन खास चीजों से करें भाई का तिलक, नोट करें विधि

Published: Fri, 04 Jul 2025 11:41 AM (IST)

रक्षाबंधन का पर्व (Raksha Bandhan 2025) बहुत शुभ माना जाता है। यह भाई-बहनों के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। इस ...और पढ़ें

Raksha Bandhan 2025: तिलक का धार्मिक महत्व।
Raksha Bandhan 2025: तिलक का धार्मिक महत्व।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। यह हर साल सावन महीने में मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं, वहीं भाई अपनी बहनों की रक्षा का वादा करते हैं। राखी बांधने के साथ-साथ तिलक लगाना भी इस पर्व का एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है, तो आइए इस आर्टिकल में इस पर्व की (What To Use For Rakhi Tilak?) सामग्री और विधि जानते हैं।

रक्षाबंधन 2025 शुभ मुहूर्त (Raksha Bandhan 2025 Kab Hai?)

हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन महीने की पूर्णिमा तिथि 08 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 09 अगस्त को 01 बजकर 24 मिनट पर होगा। ऐसे में 09 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।

किन चीजों से करें भाई का तिलक? (Tilak Items For Raksha Bandhan)

  • रोली (कुंकुम) - यह सबसे पारंपरिक और शुभ तिलक सामग्री है। यह शक्ति और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। रोली का तिलक करने से भाई के जीवन में ऊर्जा और उत्साह बना रहता है।
  • चंदन - चंदन को शीतलता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। चंदन का तिलक करने से मन शांत होता है, तनाव दूर होता है और भाई को मानसिक शांति मिलती है। साथ ही यह उन्हें नकारात्मक प्रभावों से भी बचाता है।
  • केसर - केसर बहुत ही शुभ तिलक माना जाता है। केसर का तिलक समृद्धि, सफलता और खुशहाली का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि केसर का तिलक करने से भाई को करियर और व्यापार में सफलता मिलती है।
  • अक्षत - तिलक के ऊपर अक्षत लगाना बहुत ही अहम माना जाता है। अक्षत को अखंडता और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। यह भाई के जीवन में स्थिरता और सफलता लाता है। इसके साथ ही इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • दूर्वा - कुछ क्षेत्रों में तिलक के साथ दूर्वा का उपयोग भी किया जाता है। दूर्वा भगवान गणेश को बेहद प्रिय है, इसलिए यह शुभता और बाधाओं को दूर करने का प्रतीक मानी जाती है।

तिलक करने की विधि (Raksha Bandhan 2025 Tilak Rules)

एक छोटी कटोरी में रोली लें, उसमें थोड़ा गंगाजल या शुद्ध जल मिलाकर पेस्ट बना लें। अगर हो पाए, तो चंदन और केसर का भी प्रयोग करें। भाई को सामने बिठाकर पहले उनके माथे पर अनामिका उंगली से तिलक लगाएं। तिलक के ऊपर अक्षत चिपकाएं। कुछ लोग तिलक के साथ दूर्वा भी रखते हैं। इसके बाद भाई की आरती उतारें और राखी बांधें। फिर भाई को मिठाई खिलाएं और भगवान से उनकी लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करें। इसके साथ ही भाई अपनी बहनों को उपहार, क्षमता अनुसार दक्षिणा दें और उनका आशीर्वाद लें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।