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    Skanda Sashti 2025: कब है स्कंद षष्ठी? शुभ मुहूर्त और विशेष योग के साथ, यहां जानें पूरी जानकारी

    Updated: Wed, 25 Jun 2025 02:17 PM (IST)

    स्कंद षष्ठी तिथि पर (Skanda Sashti 2025 Date) शिव परिवार संग भगवान कार्तिकेय की पूजा होती है। जगत जननी मां गौरी की पूजा करने से साधक पर भगवान शिव की विशेष कृपा बरसती है। उनकी कृपा से जीवन में मंगल ही मंगल होता है।

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    Skanda Sashti 2025: स्कंद षष्ठी का धार्मिक महत्व

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि भगवान कार्तिकेय को समर्पित माना जाता है। इस शुभ अवसर पर स्कंद षष्ठी मनाई जाती है। स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए व्रत भी रखा जाता है।

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    धार्मिक मत है कि भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से साधक को जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही शत्रु भय से मुक्ति मिलती है। साधक श्रद्धा भाव से षष्ठी तिथि पर भगवान कार्तिकेय की पूजा एवं भक्ति करते हैं। आइए, स्कंद षष्ठी (Skanda Sashti 2025) का शुभ मुहूर्त, महत्व, योग एवं मंत्र जानते हैं-

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    स्कन्द षष्ठी शुभ मुहूर्त

    वैदिक पंचांग के अनुसार, 30 जून को सुबह 09 बजकर 23 मिनट पर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि शुरू होगी। वहीं, 01 जुलाई को सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। इसके लिए 30 जून को स्कंद षष्ठी मनाई जाएगी।

    स्कन्द षष्ठी शुभ योग

    ज्योतिषियों की मानें तो आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। इस योग का संयोग शाम 05 बजकर 21 मिनट तक है। वहीं, शिववास योग का संयोग दिन भर है। इन योग में भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही सभी संकट दूर हो जाते हैं।

    पंचांग

    • सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 26 मिनट पर
    • सूर्यास्त - शाम 07 बजकर 23 मिनट पर
    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 06 मिनट से 04 बजकर 46 मिनट तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से 03 बजकर 40 मिनट तक
    • गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 22 मिनट से 07 बजकर 42 मिनट तक
    • निशिता मुहूर्त - रात 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।