नई दिल्ली, जेएनएन। Eid 2019 Date And Celebration: ईद-उल-फितर या मीठी ईद खुशियों का त्योहार है। इसे रोजेदार रमजान में रखे गए रोजों के एवज में अल्लाह से इनाम में मिला त्योहार मानते हैं। इस बार ईद 5 या 6 जून को मनाई जाएगी, हालांकि यह चांद दिखने पर ही तय होगा। ईद के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिदों में नमाज अदा करेंगे। उसके बाद गिले-शिकवे भूलकर लोग एक दूसरे के गले लगेंगे और बधाइयां देंगे। फिर परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों को सेवईयां और मिठाइयां उपहार के तौर पर दी जाती हैं। देशभर में सरकारी कार्यालयों में 5 जून को ईद-उल-फितर के लिए छुट्टी रहेगी।

चांद देखने के बाद ही ईद क्यों?

हिन्दू और मुस्लिम त्योहारों में चांद का बहुत ही महत्व है। बिना चांद को देखे कोई व्रत या त्योहार नहीं मनाया जाता या फिर उसे अधूरा माना जाता है। ईद-उल-फितर हिजरी कैलेंडर के 10वें माह के पहले दिन मनाई जाती है। हिजरी कैलेंडर में नया माह चांद देखकर ही प्रारंभ होता है। जब तक चांद नहीं दिखे तब तक रमजान का महीना खत्म नहीं माना जाता। रमजान माह के खत्म होने के बाद ही नए माह के पहले दिन ईद मनाई जाती है। ऐसा भी माना जाता है कि इस दिन हजरत मुहम्मद मक्का शहर से मदीना के लिए निकले थे।

ईद के दिन इन बातों का रखें ध्यान

ईद वाले दिन कुछ नियम भी होते हैं, जिसका पालन करना जरूरी माना जाता है। आइए जानते हैं उन नियमों के बारे में –

1. ईद वाले दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए और फजिर की नमाज अदा करनी चाहिए।

2. इसके बाद दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर रिवाज के हिसाब से नए कपड़े पहनना चाहिए और इत्र लगाना चाहिए।

3. ईद की नमाज अदा करने से पहले फितरा अदा करना जरूरी होता है। बिना फितरा अदा किए नमाज मुकम्मल नहीं मानी जाती है।

4. ईद की नमाज ईदगाह में अदा करनी चाहिए। ईदगाह न होने पर मस्जिद में या फिर खुले आसमान तले ही नमाज अदा करनी चाहिए।

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5. ईदगाह आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करना चाहिए।

6. छोटे बच्चों को ईदी के तौर उपहार देने चाहिए।

7. इस दिन गरीबों को दान देना चाहिए और भोजन भी खिलाना चाहिए।

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Posted By: kartikey.tiwari